
Petrol Diesel Price: अमेरिका और ईरान की जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ग्लोबल सप्लाई चेन ठप हो गई. इसके असर यह हुआ कि एलएनजी (LNG) से लेकर क्रूड ऑयल तक महंगा हो गया है. बढ़ती कीमत का असर आम आदमी पर नहीं पड़े, इसके लिए सरकार ने पहले एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये लीटर की कटौती की. इसके बावजूद एक आंकड़े के अनुसार तेल कंपनियों को हर दिन करीब 1100 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था. घाटे का असर कम करने के लिए तेल कंपनियों ने पिछले 11 दिन में चौथी बार कीमत में इजाफा किया है. दाम बढ़ने से आम आदमी को भले ही झटका लगा है. लेकिन हकीकत यह है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान, नेपाल और श्रीलंका के मुकाबले तेल की कीमत में हुई बढ़ोतरी काफी कम है.
पेट्रोल-डीजल पिछले 11 दिन में 7 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया है. सोमवार (25 मई) को सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये तक महंगा कर दिया है. पिछले दो हफ्ते से भी कम समय में यह तेल की कीमत में हुई चौथी बड़ी वृद्धि है. इस हालिया बदलाव के बाद 15 मई से शुरू हुए दामों में इजाफे का कुल आंकड़ा करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है. लंबे समय तक कीमत के स्थिर रहने के बाद अचानक आई तेजी ने देशभर में महंगाई बढ़ने और माल ढुलाई की लागत महंगी होने की चिंता बढ़ गई है.
आखिर देश में क्यों बढ़ रहे तेल के दाम
लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के पीछे ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की ऊंची कीमत, रिफाइनिंग मार्जिन कम होना और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी है. इस कारण भारत के लिए तेल इम्पोर्ट करना बेहद महंगा हो गया. हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस संकट के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अधिकांश विकासशील देशों के मुकाबले काफी कम हैं. यूरोपीय देशों के मुकाबले भारत में करीब आधी कीमत पर तेल बेचा जा रहा है. सरकार इस मुश्किल समय में भी दूसरे देशों के मुकाबले ग्राहकों पर कम बोझ डाल रही है.
पड़ोसी देशों में बढ़कर कहां पहुंचा रेट
आंकड़ों के अनुसार दुनिया की सभी प्रमुख विकसित इकोनॉमी वाले देशों में इस समय पेट्रोल 150 रुपये लीटर से ऊपर और ज्यादातर देशों में 180 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बिक रहा है. ईयू के 27 देशों का एवरेज देखा जाए तो वहां पेट्रोल 179 रुपये प्रति लीटर और डीजल 184 रुपये प्रति लीटर है. भारत के मुकाबले प्रति व्यक्ति आमदनी कम होने के बावजूद पड़ोसी देश पाकिस्तान और नेपाल में पेट्रोल के दाम रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए हैं. श्रीलंका, म्यांमार और फिलीपींस जैसे देशों का आंकड़ा भी कम हैरान करने वाला नहीं है.
दुनिया के किन देशों में भारत से सस्ता तेल
ग्लोबल लेवल पर भारत के मुकाबले केवल वही देश सस्ता पेट्रोल बेच पा रहे हैं, जो सीधे तौर पर फ्यूल पर भारी सब्सिडी देते हैं. इन देशों में यूएई (UAE) और मलेशिया शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिका में तेल पर टैक्स काफी कम है, इसलिए वहां दाम बढ़ने के बावजूद कंट्रोल में हैं. देश में मौजूदा तेल की कीमतें मई 2022 के बाद से अपने सबसे हायर लेवल पर पहुंच गई हैं. अप्रैल 2022 से तेल की दरें पूरी तरह स्थिर थीं. इसमें मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी.
घाटे का असर कम करने के लिए क्या किया?
इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमत का असर भारतीय ग्राहकों पर साफ दिखने लगा है. सोमवार को सरकारी तेल कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रति लीटर 2.61 रुपये से 2.71 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है. पिछले 10 दिन के अंदर ईंधन की कीमतों में यह चौथी बड़ी वृद्धि है. इस ताजा बदलाव के बाद, 15 मई से शुरू हुए दामों में इजाफे का कुल आंकड़ा लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है. लंबे समय तक कीमतों के स्थिर रहने के बाद अचानक आई इस तेजी ने देश भर में महंगाई बढ़ने और माल ढुलाई की लागत महंगी होने की चिंताओं को बढ़ा दिया है.
पेट्रोल-डीजल के दूसरे देशों में रेट
| फ्रांस (France) | Rs 198 | Rs 190 |
| बेल्जियम (Belgium) | Rs 186 | Rs 180 |
| न्यूजीलैंड (New Zealand) | Rs 172 | Rs 165 |
| म्यांमार (Myanmar) | Rs 141 | Rs 148 |
| श्रीलंका (Sri Lanka) | Rs 140 | Rs 125 |
| थाईलैंड (Thailand) | Rs 140 | Rs 138 |
| पाकिस्तान (Pakistan) | Rs 403 | Rs 402 |
| नेपाल (Nepal) | Rs 217 | Rs 222 |
| फिलीपींस (Philippines) | Rs 132 | Rs 126 |
| कनाडा (Canada) | Rs 130 | Rs 128 |
| चीन (China) | Rs 126 | Rs 118 |
| दक्षिण अफ्रीका (South Africa) | Rs 125 | Rs 128 |
| अमेरिका (United States) | Rs 110 | Rs 118 |
| वियतनाम (Vietnam) | Rs 105 | Rs 98 |
| यूएई (United Arab Emirates) | Rs 98 | Rs 94 |
| मलेशिया (Malaysia) | Rs 74 | Rs 72 |