
भारत घूमने आने वाले विदेशी टूरिस्ट अक्सर यहां के शहरों, लोगों और रोजमर्रा की जिंदगी को अपने नजरिए से देखते हैं. जर्मनी की डिजिटल कंटेंट क्रिएटर एलिस का भी इन दिनों कुछ ऐसा ही अनुभव चल रहा है. वह करीब 20 दिनों से भारत में ट्रैवल कर रही हैं और इस दौरान कई शहरों को करीब से देख चुकी हैं.एलिस ने अपने सफर की शुरुआत बेंगलुरु से की. इसके बाद वह पुणे, लोनावला और मुंबई पहुंचीं. 18 सितंबर को मुंबई छोड़ने से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने सोलो महिला ट्रैवलर के तौर पर इन जगहों की सेफ्टी को लेकर अपना अनुभव बताया.
बेंगलुरु ने जीता एलिस का भरोसा
एलिस की लिस्ट में सबसे ज्यादा नंबर मुंबई और बेंगलुरु को मिले. उन्होंने कर्नाटक की राजधानी को 10 में से 9 नंबर दिए. उनके मुताबिक, शहर में घूमते हुए उन्हें काफी सुकून महसूस हुआ. एलिस ने बताया कि ट्रैवल के दौरान किसी ने उनसे अजीब तरीके से बात नहीं की और न ही उनके साथ कोई बड़ी घटना हुई. इसके अलावा वहां के लोगों का व्यवहार भी उन्हें दोस्ताना और मददगार लगा. इसका मतलब एक सोलो महिला ट्रैवलर के तौर पर बेंगलुरु में उनका अनुभव काफी अच्छा रहा. यही वजह रही कि चारों जगहों में उन्होंने इस शहर को सबसे ज्यादा रेटिंग दी.
पुणे में भी अच्छा रहा अनुभव
इसके बाद नंबर आता है पुणे का. एलिस ने पुणे को 10 में से 8 नंबर दिए. उन्होंने बताया कि जब वह शहर में थीं, तब वहां त्योहार का माहौल था और काफी भीड़-भाड़ भी थी. आमतौर पर किसी नए शहर में अकेले घूमने वाली महिला के लिए भीड़ और अनजान जगहें थोड़ी चिंता बढ़ा सकती हैं. लेकिन एलिस के मुताबिक, उन्हें वहां किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा. उनका कहना था कि भीड़ के बावजूद उनका एक्सपीरियंस अच्छा रहा और उन्होंने पुणे को सेफ जगह के तौर पर महसूस किया.
मुंबई को भी मिले 8 नंबर
एलिस की रेटिंग में मुंबई भी पुणे के साथ बराबरी पर रही. उन्होंने मायानगरी को 10 में से 8 नंबर दिए. हालांकि, मुंबई को लेकर उन्होंने एक खास बात भी कही. एलिस के मुताबिक, मुंबई में सेफ्टी इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप शहर के किस इलाके में हैं. इसके बावजूद एक महिला ट्रैवलर के रूप में उन्हें मुंबई कुल मिलाकर सुरक्षित लगा. उन्होंने कहा कि मुंबई में घूमते समय उन्हें कोई बड़ी परेशानी नहीं हुई. शहर की भीड़, लोकल लाइफ और अलग-अलग इलाकों के बीच सफर के बावजूद उनका अनुभव अच्छा रहा.
वीडियो वायरल हुआ तो शुरू हुई बहस
एलिस का करीब एक मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होते ही लोगों का ध्यान खींचने लगा. खासतौर पर बेंगलुरु को 9 नंबर देने और मुंबई-पुणे को 8 नंबर देने पर लोगों ने अपनी-अपनी राय रखनी शुरू कर दी. कुछ यूजर्स ने अपने ट्रैवल एक्सपीरियंस बताए तो कुछ ने एलिस की रेटिंग को अपने अनुभव के हिसाब से सही या गलत बताया. सोशल मीडिया पर ऐसी रेटिंग को लेकर अलग-अलग लोगों की राय होना स्वाभाविक है
दिल्ली-NCR को लेकर आया सबसे ज्यादा चर्चा वाला कमेंट
एक अन्य यूजर ने गुजरात, ओडिशा, केरल, मंगलुरु और नॉर्थ-ईस्ट जैसे इलाकों को घूमने के लिए अच्छा बताया. इसी कमेंट में उसने उत्तर प्रदेश और बिहार को लेकर भी अपनी राय रखी. इसके बाद दिल्ली और गुरुग्राम का जिक्र करते हुए यूजर ने बेहद अतिरंजित अंदाज में सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी और यहां तक कह दिया कि अगर जाना पड़े तो पत्थर या बंदूक साथ रखें. यह सिर्फ एक सोशल मीडिया यूजर की टिप्पणी थी, न कि एलिस की राय या कोई आधिकारिक सुरक्षा सलाह.
कुछ लोगों ने एलिस की रेटिंग पर ही सवाल उठा दिए
सोशल मीडिया पर हर कोई एलिस की रेटिंग से सहमत नहीं था. एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि वह भारत के सबसे सुरक्षित शहरों में गई ही नहीं और फिर भी रेटिंग दे दी. इस तरह के कमेंट बताते हैं कि सोशल मीडिया पर किसी शहर की सेफ्टी को सिर्फ एक व्यक्ति के अनुभव से तय करना आसान नहीं है. किसी ट्रैवलर को जो जगह सुरक्षित और आरामदायक लग सकती है, जरूरी नहीं कि हर दूसरे व्यक्ति का अनुभव भी वैसा ही हो.ए
लिस के लिए भारत का सफर यादगार
एलिस के वीडियो का सबसे अहम हिस्सा यह है कि एक सोलो महिला ट्रैवलर के तौर पर उनका भारत में अब तक का सफर उनके लिए काफी यादगार रहा. चार जगहों में अलग-अलग अनुभव मिलने के बावजूद उन्होंने किसी बड़े हादसे या परेशानी का जिक्र नहीं किया. उनकी रेटिंग एक व्यक्तिगत ट्रैवल एक्सपीरियंस है, जिसे पूरे शहर की अंतिम सेफ्टी रेटिंग नहीं माना जा सकता. फिर भी इस वीडियो ने भारत घूमने आने वाले विदेशी टूरिस्टों के अनुभव, महिला यात्रियों की सुरक्षा और अलग-अलग शहरों को देखने के नजरिए पर सोशल मीडिया में एक दिलचस्प चर्चा जरूर शुरू कर दी है.