
Iran Naval Mines Dispute: अमेरिका के साथ शांति वार्ता में भाग लेने के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में पहुंच गया है. इस बीच, अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में बिछाई गई सभी नेवल माइंस का पता लगाने में विफल रहा है, जिसके कारण वह अहम शिपिंग लेन को तेजी से फिर से चालू नहीं कर पा रहा है. यह स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है.
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि ईरान ने इस जलमार्ग में नेवल माइंस बिछाई थीं. वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन माइंस को व्यवस्थित तरीके से ट्रैक नहीं किया गया, जिससे कई माइंस अपनी असली जगह से हट गईं है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अव्यवस्था के कारण ईरान अब अपने ही लगाए गए हथियारों का सटीक रिकॉर्ड या लोकेशन ट्रैक करने में सक्षम नहीं है.
ईरान के पास नहीं है माइन हटाने की तकनीक: अमेरिका
ईरानी अधिकारियों ने इस स्थिति को टेक्निकल कमियां बताया है, लेकिन अमेरिकी पक्ष इसे ईरान की सीमित क्षमता के संकेत के रूप में देख रहा है. उनका कहना है कि तेहरान के पास न तो पर्याप्त निगरानी तंत्र है और न ही तेजी से माइन हटाने की तकनीकी क्षमता. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है.