
चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ था. इस हमले की जांच पंजाब पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (सीआईए) कर रही है. सीआईए ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए संदिग्धों की पहचान अमन सिंह उर्फ भोलू और गुरतेज सिंह बताई जा रही है.अमन और गुरतेज, दोनों ही रूपनगर जिले के मोरिंडा इलाके के रतनगढ़ गांव के रहने वाले हैं. पंजाब पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. शुरुआती जांच में यह बात निकलकर आ रही है
कि इस हमले के लिए इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड चीन निर्मित पी-86 मॉडल का था. जांच एजेंसियों को शक है कि इसे ड्रोन के जरिये तस्करी कर पाकिस्तान से लाया गया हो सकता है. अधिकारी यह ध्यान रखते हुए भी जांच आगे बढ़ा रहे हैं कि ये हमला, सूबे में पुलिस ठिकानों को निशाना बनाने की रणनीति का ही हिस्सा हो सकता है.
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्धों के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है. अलगाववादी संगठन बब्बर खालसा ने हमले की जिम्मेदारी ली है लेकिन पुलिस ने इस संबंध में किसी सीधे लिंक की पुष्टि नहीं की है चंडीगढ़ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कंवरदीप कौर ने इस संबंध में कहा है कि मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और जिला क्राइम सेल सहित कई टीमों को एक्टिव कर दिया गया है.