LPG Cylinder Price: क्या भारत में वाकई होने वाली है रसोई गैस की किल्लत, जानें इससे कैसे निपटेगी सरकार?

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LPG Cylinder Price: 7 मार्च 2026 से पूरे देश में घरेलू रसोई गैस की कीमत बढ़ गई है. 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ गई है और 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत ₹115 बढ़ गई है. इस बढ़ोतरी के बाद घर और होटल, रेस्टोरेंट और छोटे खाने पीने की दुकानों जैसे बिजनेस पर असर पड़ने की उम्मीद है. इसी बीच भारत में एलपीजी की संभावित कमी को लेकर भी चिंताएं सामने आ रही हैं. खासकर मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे बड़े तेल और गैस शिपिंग रूट में रुकावट की वजह से

क्यों हो रहा है कमी का डर?

दरअसल दुनिया के तेल और गैस शिपमेंट का एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है. यह फारस की खाड़ी को इंटरनेशनल मार्केट से जोड़ने वाला एक समुद्री रास्ता है. अब क्योंकि भारत अपनी एलपीजी का एक बड़ा हिस्सा मिडल ईस्ट से इंपोर्ट करता है, इस वजह से इस इलाके में कोई भी रुकावट भविष्य में सप्लाई की दिक्कतों को लेकर डर पैदा कर सकती है. हालांकि अधिकारियों ने ऐसा साफ किया है कि भारत के पास अभी घरेलू डिमांड को जल्द पूरा करने के लिए काफी रिजर्व है.

एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने के आदेश 

सप्लाई में किसी भी रुकावट को रोकने के लिए सरकार ने देश भर की तेल रिफाइनरियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं. रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वह कुकिंग गैस प्रोडक्शन के लिए खास तौर पर प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल करके एलपीजी के प्रोडक्शन को प्राथमिकता दें. 

इसके अलावा इमरजेंसी उपाय के तहत रिफाइनरियों को पेट्रोकेमिकल मैन्युफैक्चरिंग या फिर दूसरे इंडस्ट्रियल मकसदों के लिए प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया गया है. यह गैस एलपीजी बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य कंपोनेंट्स हैं. 

अमेरिका के साथ नया एलपीजी इंपोर्ट एग्रीमेंट 

 मिडिल ईस्ट के सप्लायर पर डिपेंडेंसी को कम करने के लिए भारत ने अमेरिका के साथ एक स्ट्रैटेजिक इंपोर्ट एग्रीमेंट भी किया है. इस अरेंजमेंट के तहत देश 2026 के दौरान लगभग 2.2 मिलियन टन एलपीजी इंपोर्ट करने का प्लान बना रहा है. 

भारत में एलपीजी की भारी मांग

भारत अभी दुनिया में एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा इंपोर्टर है. पिछले साल देश ने लगभग 33.15 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी की खपत की थी. भारत की कुल एलपीजी मांग का लगभग दो तिहाई हिस्सा इंपोर्ट से आता है.

वैसे तो ग्लोबल तनाव ने चिंताएं बढ़ा दी हैं लेकिन सरकार ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि भारत में तुरंत कुकिंग गैस की कोई कमी नहीं है. घरेलू प्रोडक्शन में बढ़ोतरी, अलग-अलग तरह के इंपोर्ट और सप्लाई चैन की कड़ी निगरानी के साथ अधिकारी इस बात को पक्का कर रहे हैं कि घरों में बिना किसी रूकावट के एलपीजी सिलेंडर मिलते रहें.

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