
India LPG Cylinder Update: अमेरिका और ईरान के बीच की जंग सीमाओं तक नहीं टिकी है. इस युद्ध ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के गलियारे को बंद करके ना केवल अमेरिका को बैकफुट पर धकेल दिया, बल्कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन तोड़कर दुनिया भर के देशों में तेल और गैस के संकट को जन्म दे दिया है. भारत भी ईरान के इस हमले का गवाह बना है. खाड़ी देश में जारी युद्ध के चलते भारत में तेल और गैस की किल्लत देखी जा रही है. चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरत के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए इस युद्ध का उस पर असर पड़ रहा है. होर्मुज का रास्ता बंद होने के बावजूद भारत अपनी मजबूत कूटनीतिक रणनीति की बदौलत तेल और गैस से लदे कुछ जहाजों को इस युद्ध प्रभावित क्षेत्र को पार कराने में सफल रहा है. ये जहाज इस वक्त भारत के लिए संजीवनी से कम नहीं है. LPG संकट के बीच भारत के दो और जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं.
होर्मुज खतरे को करके पार, भारत आ रहे LPG से लदे दो जहाज
हॉर्मुज के खतरनाक रास्ते से होते हुए दो भारतीय जहाज ‘जग वसंत’ (Jag Vasant) और ‘पाइन गैस’ (Pine Gas) भारत आ रहे है. तिरंगा लहराते हुए इन दोनों जहाजों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर लिया है. दोनों ही जहाजों में करीब 92,612.59 मीट्रिक टन LPG गैस भरा हुआ है. ये जहाज 26 से 28 मार्च 2026 के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे. भारतीय नौसेना की निगरानी में ये जहाज भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इस युद्ध के बीच, जब भारत ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है , ऐसे में एलपीजी गैस की खेप का भारत पहुंचना बड़ी राहत है. एलपीजी क्राइसिस के बीच गैस की ये खेप ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में मदद करेगी. इतना ही नहीं युद्ध के बीच भारतीय जहाजों का होमुर्ज पार करना उसकी बड़ी कूटनीतिक जीत है.