
अमेरिका के वाशिंगटन के होटल हिल्टन में पत्रकारों के लिए आयोजित किए गए सालाना डिनर कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई है, जब एक संदिग्ध ने वहां 3-4 राउंड फायरिंग की. वहां राष्ट्रपति ट्रंप, फर्स्ट लेडी और जेडी वेंस भी मौजूद थे. घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस से प्रेस कॉफ्रेंस की. इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि ये घटना पूरी तरह चौंकाने वाली थी. हमलावर ने सीक्रेट सर्विस एजेंट पर फायरिंग की. जिस पर गोली चली वो सीक्रेट सर्विस एजेंट भी सुरक्षित है. ट्रंप ने कहा कि हमलावर के पास बहुत पावरफुल गन थी. हमलावर को पकड़ लिया गया है. जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही है.
ट्रंप ने कहा है कि व्हाइट हाउस प्रेस डिनर का आयोजन स्थल वॉशिंगटन हिल, कोई खास सुरक्षित बिल्डिंग नहीं है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि जो लोग सबसे ज्यादा काम करते हैं, उन्हीं पर सबसे ज्यादा हमले होते हैं. ट्रंप ने कहा कि संदिग्ध हमलावर बीमार और सिरफिरा लग रहा था.

गोली चलाने वाला शख्स
सीक्रेट सर्विस के जवानों ने कैसे बचाया?
ट्रंप ने कहा कि एक अधिकारी को गोली लगी थी, लेकिन वह इसलिए बच गया क्योंकि उसने एक बहुत अच्छी बुलेटप्रूफ़ जैकेट पहनी हुई थी. जिस समय हे हमला हुआ वहां अफरा-तफ़री के बीच, सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तुरंत अमेरिकी राष्ट्रपति को घेर लिया. उनके हथियार बाहर निकले हुए थे. सीक्रेट सर्विस के जवान जल्दी से ट्रंप को वहां से हटाकर पीछे के पर्दे के रास्ते बाहर ले गए, जबकि मौके पर मौजूद और लोग टेबल के नीचे दुबक गए.
‘मुझे लगा ट्रे गिर गई है’
जब गोलियों की आवाज गूंजी, तब ट्रंप के मन में क्या चल रहा था. इसका ज़िक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि शुरू में उन्हें लगा कि शायद कोई ट्रे गिर गई है. उन्होंने यह भी बताया कि वह आवाज काफी दूर से आ रही थी. लेकिन, उन्होंने कहा कि फर्स्ट लेडी को पूरी तरह से एहसास था कि यह गोलीबारी की घटना है.
बॉल रूम से तेजी से बाहर ले जाए जाते हुए हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज़ सेक्रेटरी रॉबर्ट एफ़. केनेडी जूनियर भी दिखे. इनके चाचा, राष्ट्रपति जॉन एफ़. केनेडी की 1963 में टेक्सास में एक हत्यारे ने हत्या कर दी थी.
मिल चुका है टीचर ऑफ द मंथ का अवार्ड
संदिग्ध हमावर कैलिफोर्निया में टीचर है. उसे टीचर ऑफ द मंथ का भी अवार्ड मिल चुका है. अमेरिका में कैलिफोर्निया वो जगह है, जहां के लोग राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों को पसंद नहीं करते हैं. ऐसे में अमेरिका में ही ट्रंप की नीतियों का इस तरह का विरोध उनके लिए मुश्किलों का बढ़ाने वाला हो सकता है.