इजरायल के रक्षामंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार (20 जून, 2025) को लेबनान के संगठन हिजबुल्लाह को ईरान-इजरायल जंग में न उतरने की चेतावनी दी है. इससे पहले हिजबुल्लाह ने कहा था कि जब सही समय आएगा तो वो भी जंग में ईरान का साथ देगा. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था IAEA ने कहा कि इजरायल के हमले में ईरान के एक परमाणु ठिकाने की बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है. गुरुवार को इजरायल ने खोंडाब भारी पानी संयंत्र और रिएक्टर को निशाना बनाया है. रिएक्टर पर हमला हुआ था और वह क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन कल IAEA ने कहा कि उस समय यह चालू नहीं था और इसमें कोई परमाणु सामग्री नहीं थी.इजरायल और ईरान की बढ़ती जंग के बीच तीन देशों ने अपने दूतावास को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. इनमें ऑस्ट्रेलिया, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य शामिल हैं. इन देशों के विदेश मंत्रालयों ने कहा कि वे बिगड़ते सुरक्षा माहौल के कारण तेहरान में अपने दूतावासों में कामकाज को निलंबित कर रहे हैं.
इजरायली मिलिट्री ने शुक्रवार को दावा किया है कि उसने तेहरान में मौजूद ईरान के डिफेंस रिसर्च हेडक्वार्टर को टारगेट बनाया है. इसके अलावा एक परमाणु ठिकाने को भी निशाना बनाया गया है.
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर मोहसिन रेजाई ने कहा कि इजरायल भले ही हमारे परमाणु ठिकानों पर हमले का दावा कर रहा है, लेकिन हमारा परमाणु मैटेरियल पूरी तरह सुरक्षित स्थानों पर है. उन्होंने कहा कि हम यूरेनियम को दूसरी जगह पर शिफ्ट कर चुके हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि हमें मार्च में ही पता लग चुका था कि युद्ध होने को है.
रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने ईरान में शासन परिवर्तन या उसके सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ किसी भी प्रयास के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है. क्रेमलिन ने ऐसी कार्रवाई को अस्वीकार्य और वैश्विक अस्थिरता का कारण बताया है. स्काई न्यूज के साथ बातचीत में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस ईरानी नेता की हत्या पर बहुत नकारात्मक प्रतिक्रिया देगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी घटना भानुमती का पिटारा खोल देगी. पेस्कोव की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि वह दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेंगे कि अमेरिका तेहरान के खिलाफ इजरायल के सैन्य अभियान में शामिल होगा या नहीं. इससे पहले सोशल मीडिया पर ईरानी नेता की हत्या की अटकलें लगाई जा रही थीं.