यूक्रेन ने जंग में किया बहुत बड़ा उलटफेर, रूस की 100 बस्तियों पर कब्जा, 600 सैनिकों को पकड़ा

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पुतिन के सामने बहुत बड़ी चुनौती सामने आ गई है. रूस-यूक्रेन युद्ध में सबसे बड़े उलटफेर हुआ है. यूक्रेन ने रूस में घुसकर उसके इलाके कुर्स्क में 100 बस्तियों और लगभग 600 सैनिकों पर कब्जा कर लिया है. यूक्रेन के शीर्ष जनरल ओलेक्सेंडर सिरस्की ने कहा कि यूक्रेन ने कुर्स्क क्षेत्र में अपने अभियान के दौरान 594 रूसी सैनिकों को पकड़ा है. उन्होंने पहली बार इस आंकड़े का खुलासा किया. उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन ने अपने तीन सप्ताह लंबे अभियान के दौरान 100 बस्तियों पर भी कब्ज़ा किया है.उन्होंने कहा कि मॉस्को के सैनिक इस क्षेत्र में जवाबी हमला करने और कीव की सेना को घेरने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन प्रयासों को विफल कर दिया गया. गार्जियन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेनी सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ ओलेक्सांद्र सिरस्की ने कहा कि 6 अगस्त को रूस के कुर्स्क क्षेत्र में घुसने के बाद से यूक्रेनी सैनिकों ने 100 बस्तियों पर कब्जा कर लिया है.मंगलवार को इंटरफैक्स-यूक्रेन समाचार एजेंसी ने सिरस्की के हवाले से कहा, “हम आगे बढ़ रहे हैं, रूसी सैनिकों को महत्वपूर्ण नुकसान हो रहा है.” सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि रूस ने अन्य क्षेत्रों से लगभग 30,000 सैनिकों को कुर्स्क में फिर से तैनात किया है और यूक्रेनी बलों को चारों ओर से घेरने की कोशिश कर रहा है.

इस बीच, रूस के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उसके विशेष बलों ने कुर्स्क क्षेत्र के सुदझा जिले में एक ऊंचाई वाली जगह को सुरक्षित करने के लिए एक अभियान चलाया है. यह क्षेत्र पहले यूक्रेन के कब्जे में था. यह ऊंचाई वाली जगह यूक्रेनी ठिकानों से 400-500 मीटर दूर स्थित है. रूसी सैनिक अब यूक्रेनी सैन्य गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं.

सिरस्की के अनुसार, रूस अन्य मोर्चों से सैनिकों को वापस बुलाकर यूक्रेन का विरोध करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि रूस यूक्रेन के पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में पोक्रोवस्क मोर्चे से सेना वापस नहीं हटा रहा है, जहां उन्होंने कहा कि स्थिति “कठिन” बनी हुई है. 5-6 अगस्त की रात से ही कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी सेना ने सीमा से लगभग 10 किमी (6.2 मील) दूर सुदज़ा शहर के पास इस क्षेत्र में प्रवेश किया था.रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कीव पर “बड़े पैमाने पर उकसाने” और “अंधाधुंध गोलीबारी” करने का आरोप लगाया, तथा इस आक्रमण को “आतंकवादी हमला” बताया है, जिसके बाद रूस के सामने अब बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है. अब रूस की सेना करो या मरो के हालात में पहुंच गई है, आने वाले दिनों में जंग के हालात और भी खराब हो सकते हैं.  यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया कि यह यूक्रेन के सैनिकों द्वारा किया गया एक “ऑपरेशन” था. उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका लक्ष्य रूसी हमलों के विरुद्ध “बफर ज़ोन” बनाना है.

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