चीन ने जबसे अपने देश में कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु (China retirement ages) बढ़ाने की बात कही है तबसे लोग इस बात का विरोध कर रहे हैं. विवाद भी कोई और नहीं, बल्कि चीन के लोग ही कर रहे हैं. आइए समझते हैं आखिर क्या है रिटायरमेंट का नया कानून, क्यों हो रहा विवाद, 74 साल बाद आखिर चीन ने क्यों लिया यह फैसला. चीन में पहली बार 1950 के दशक के बाद से पेशेवरों और कामगारों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने जा रही है. चीन की सरकार ने शुक्रवार, 13 सितंबर को इस प्रस्ताव को मजूंरी दे दी है. सरकार ने बताया है कि वह आहिस्ता-आहिस्ता रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाएगा. सरकार ने कहा है कि अनिवार्य रिटारमेंट आयु के तहत मेहनतकश नौकरी (ब्लू-कॉलर जॉब) करने वाली महिलाओं की रिटायरमेंट उम्र 50 से बढ़कर 55 साल किया जाएगा. वहीं पेशेवर (व्हाइट-कॉलर जॉब) महिलाओं के लिए इसे 55 से बढ़ाकर 58 कर दिया जाएगा. पुरुषों की रिटायरमेंट उम्र को 60 से बढ़ाकर 63 किया जाएगा.चीनी लोगों को पता है कि अगर इस तरह का कानून देश में लागू हो गया तो फिर आप खुद से रिटायर हो ही नहीं पाएंगे. आपको काम करना ही पड़ेगा. तभी तो चीन की सोशल मीडिया वेइबो पर लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, “अगले दस बरस में फिर से एक प्रस्ताव पारित होगा और तब हमें कहा जाएगा कि जब तक हम 80 साल के नहीं हो जाते हैं, हमें रिटायर होने का कोई हक नहीं है. रिटायर होने की कानूनी उम्र से पहले रिटायरमेंट की इजाजत नहीं होगी. यह प्रस्ताव के मुताबिक यह बदलाव 1 जनवरी 2025 से प्रभाव में आएगा.