क्या सही में कैलाश पर्वत का पहाड़ ‘ऊं’ की शेप का है? ये है इसकी सच्चाई?

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 दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत है माउंट एवरेस्ट. जिसकी ऊंचाई है 8849 मीटर. माउंट एवरेस्ट पर अब तक 7000 से ज्यादा लोग चढ़ाई कर चुके हैं और अभी भी सिलसिला जारी है. लेकिन हिमालय में एक पर्वत है जिसे कैलाश पर्वत कहा जाता है. जो माउंट एवरेस्ट से तकरीबन 2211 मीटर छोटा है. 

इसकी ऊंचाई 6638 मीटर है. लेकिन बावजूद इसके कैलाश पर्वत पर अब तक कोई चढ़ाई नहीं कर पाया है. कैलाश पर्वत का हिंदू धार्मिक मान्यता में बेहद खास स्थान है. इस पर्वत को लेकर कुछ लोगों का मानना है कि इसका शेप ‘ऊं’ का है. चलिए जानते हैं कितनी सच्चाई है इस तथ्य में. 

क्या ‘ऊं’ के शेप में दिखता है कैलाश पर्वत?

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में कैलाश पर्वत का बेहद महत्व है. कहा जाता है कि भगवान शिव और माता पार्वती इस पर्वत पर निवास करते हैं. यह भगवान शिव का घर माना जाता है. इसीलिए इस पहाड़ पर अब तक कोई चढ़ाई नहीं कर पाया है. इस पर्वत को लेकर यह भी कहा जाता है कि यह ऊं के शेप में है. 

लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल ओम पर्वत कैलाश पर्वत से पहले पड़ता है. ऊं पर्वत को जब बेहद दूर से देखा जाता है. तो उस पर ऊं की एक आकृति दिखाई देती है. यह आकृति पर्वत पर बर्फ पड़ने से बनती है. इसलिए इस पर्वत को ऊं पर्वत कहा जाता है. 

पौराणिक कथाओं में हैं जिक्र 

हिंदू धर्म की पौराणिक मान्यताओं के अनुसार हिमालय में कुल 8 ऊं की आकृतियां हैं. लेकिन इसमें से अब तक एक ही खोज की जा सकती है. यह आकृतियां बिल्कुल प्राकृतिक तरीके से बनी हुई है. कहा यह भी जाता है कि ओम पर्वत पर ऊं की ध्वनि सुनाई देती है. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि यह बर्फ के खिसकने से पैदा होने वाली आवाज. लेकिन सामान्य लोगों की बात की जाए तो कई लोगों ने इस बात की तस्वीर की है कि वहां जाकर एक अलग ऊर्जा जरुर महसूस हुई है. 

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