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	<title>mahakumbh Archives - KRT News Network</title>
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	<description>Punjab &#124; Himachal &#124; J&#38; K</description>
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	<title>mahakumbh Archives - KRT News Network</title>
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		<title>Mahakumbh Stampede: संगम पर भगदड़ कैसे मची, क्या हालात थे और अब क्या हो रहा है? 10 पॉइंट्स में समझें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mehak Randhawa]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jan 2025 11:45:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[mahakumbh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>महाकुंभ में संगम तट पर मंगलवार-बुधवार रात करीब एक बजे भगदड़ मच गई. एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मारे जाने की सूचनाएं हैं. घायलों की संख्या बहुत ज्यादा है&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://krtnewsnetwork.com/national/mahakumbh-stampede-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%95/">Mahakumbh Stampede: संगम पर भगदड़ कैसे मची, क्या हालात थे और अब क्या हो रहा है? 10 पॉइंट्स में समझें</a> appeared first on <a href="https://krtnewsnetwork.com">KRT News Network</a>.</p>
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<p>महाकुंभ में संगम तट पर मंगलवार-बुधवार रात करीब एक बजे भगदड़ मच गई. एक दर्जन से ज्यादा लोगों के मारे जाने की सूचनाएं हैं. घायलों की संख्या बहुत ज्यादा है और इनमें से कई गंभीर रूप से भी घायल है. हादसे के बाद की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वह विचलित करने वाली हैं. फिलहाल, पूरे प्रयागराज ही नहीं बल्कि प्रयागराज के बाहर भी प्रशासन अलर्ट पर है. सीएम योगी से लेकर पीएम मोदी तक हालातों पर नजर बनाए हुए हैं. <em><strong>10 पॉइंट्स में समझें इस भगदड़ की पूरी कहानी&#8230;</strong></em></p>



<p>1. आज यानी मौनी अमावस्या पर महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान होना था, लेकिन एक दिन पहले ही प्रयागराज में अनुमान से ज्यादा भीड़ पहुंच गई. आंकड़ों की मानें तो मंगलवार (28 जनवरी) को ही करीब 5 करोड़ लोग प्रयागराज में पहुंच चुके थे. मंगलवार रात से ही भीड़ इतनी थी कि लोगों को जहां जगह मिल रही थी, वहां आराम कर रहे थे. संगम तट पर भी यही हाल थे.</p>



<p>2. प्रत्यक्षदर्शियों ने अलग-अलग बातें बताई हैं. किसी ने कहा कि पुलिसवालों ने शाही स्नान की तैयारी करने के लिए संगम पर लेटे लोगों को जल्दी-जल्दी उठाना शुरू किया, इससे भगदड़ की अफवाह फैली और हादसा हुआ तो किसी ने बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा थी तो कुछ लोगों का दम घुटने लगा और वे बेहोश होने लगे, इस वजह से भगदड़ के हालात बने. किसी ने यह भी कहा कि लोगों को संगम तट पर जाने से रोका जा रहा था, उन्हें दूसरे तटों पर स्नान के लिए भेजा जा रहा था, लेकिन भीड़ संगम पर ही स्नान के लिए अड़ी हुई थी. ऐसे में बैरियर टूटा और भगदड़ मच गई. प्रशासनिक अधिकारी का बयान भी कुछ ऐसा ही है. कुंभ मेला की OSD अकांक्षा राणा ने बताया है संगम नोज पर भीड़ के कारण बैरियर टूटने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई.</p>



<p>3. हादसे के ठीक बाद संगम से जो तस्वीरें आई, उनमें श्रद्धालुओं के कपड़े, बैग, जूते-चप्पल तितर-बितर पड़े हुए नजर आ रहे हैं. अस्पतालों की तस्वीरें और ज्यादा डरावनी है. यहां फर्श पर शव साफ तौर पर देखे जा सकते हैं. बड़ी संख्या में घायल भी नजर आ रहे हैं.</p>



<p>4. हादसे की खबर मिलते ही एक के बाद एक एंबुलेंस संगम तट पर पहुंचने लगी. शुरुआत में भीड़ के कारण एंबुलेंस को घटना स्थल तक पहुंचने और फिर घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में वक्त लगा लेकिन कुछ ही देर में एंबुलेंस के लिए कॉरिडोर बना लिया गया. तकरीबन 50 एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल ले जाया गया. एंबुलेंस में बैठे स्टाफ से बात करने पर पता चला कि कुछ लोग घटना स्थल पर ही दम तोड़ चुके थे.</p>



<p>5. भगदड़ के बाद प्रशासन के अनुरोध पर अखाड़ों द्वारा मौनी अमावस्या पर शाही स्नान में कुछ बदलाव होंगे. अब सभी 13 अखाड़ें सीमित संख्या के साथ शाही सवारी निकालेंगे.&nbsp;</p>



<p>6. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा है कि संगम पर अधिक भीड़ के कारण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से हम कम संख्या के साथ स्नान को जाएंगे. फिलहाल हम भीड़ कम होने का इंतजार कर रहे हैं.7. महाकुंभ में मौजूद सभी बड़े साधू संतों का इस हादसे पर अलग-अलग रूख है. निरंजनी अखाड़ा के संतों का कहना है कि प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण यह हुआ है तो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी जी का कहना है कि करोड़ो की भीड़ को संभालना आसान नहीं है, प्रशासन की इसमें कोई गलती नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को प्रशासन की बातें सुननी चाहिए और संगम की बजाय बाकी तटों पर स्नान करना चाहिए.</p>



<p>8. हालात देखते हुए रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों को तैनात कर दिया गया है. इसके साथ ही मैला क्षेत्र में जहां भी थोड़ी भी भीड़ दिख रही है, वहां से लोगों को हटाया जा रहा है. पूरे प्रयागराज में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है.</p>



<p>9. प्रयागराज में भीड़ देखते हुए शहर की सीमा के बाहर भी लोगों को रोके जाने की खबरें हैं. महाकुंभ में और अधिक भीड़ न हो इसलिए बाहर से प्रयागराज आ रहे लोगों को थोड़ा-थोड़ा कर के प्रवेश दिया जाने की संभावना है.</p>



<p>10. प्रधानमंत्री मोदी ने Mahakumbh मेले की स्थिति के बारे में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi से बात की है. उन्होंने घटनाक्रम की समीक्षा की और तत्काल सहायता उपाय करने का आह्वान किया है.</p>
<p>The post <a href="https://krtnewsnetwork.com/national/mahakumbh-stampede-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%95/">Mahakumbh Stampede: संगम पर भगदड़ कैसे मची, क्या हालात थे और अब क्या हो रहा है? 10 पॉइंट्स में समझें</a> appeared first on <a href="https://krtnewsnetwork.com">KRT News Network</a>.</p>
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		<title>144 साल का संयोग बना भगदड़ की असली वजह? प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कर रहे यही इशारा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mehak Randhawa]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jan 2025 10:30:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[mahakumbh]]></category>
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<p>The post <a href="https://krtnewsnetwork.com/national/144-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85/">144 साल का संयोग बना भगदड़ की असली वजह? प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कर रहे यही इशारा</a> appeared first on <a href="https://krtnewsnetwork.com">KRT News Network</a>.</p>
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<p> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में mahakumbh मेले में मंगलवार की देर रात हुई भगदड़ की एक बड़ी वजह 144 वर्ष के संयोग को भी माना जा रहा है. लोग इसी शुभ मुहूर्त में संगम स्नान के लिए घाट पर बैठे व लेटे रहे तभी बैरियर तोड़कर आई बेकाबू भीड़ ने उन्हें कुचल दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इसी बात का इशारा कर रहे हैं.</p>



<p>इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी असम से आई मधुमिता बताती हैं, संगम घाट पर लोग सुबह होने के इंतजार में बैठे और लेटे थे. तभी लोगों की भीड़ अखाड़ों के अमृत स्नान के लिए बने बैरियरों को तोड़ते हुए घाट की तरफ बढ़ी और घाट पर लेटे हुए लोग इस भीड़ की चपेट में आ गए.</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="577" src="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-19-1024x577.png" alt="" class="wp-image-6648" srcset="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-19-1024x577.png 1024w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-19-300x169.png 300w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-19-768x433.png 768w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-19-1536x865.png 1536w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-19-2048x1153.png 2048w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>



<p>बेगूसराय से आई बुजुर्ग महिला बदामा देवी ने कहा, &#8216;बेटा इस जनम में ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा, इसीलिए हम इतनी दूर से गंगा मैया में स्नान के लिए आए.&#8217; झारखंड के पलामू से आए राम सुमिरन भी यही बताते हैं. वह कहते हैं, &#8216;144 साल बाद यह पुण्य स्नान का अवसर आया है जिसे कोई भी गंवाना नहीं चाहता. यही वजह है कि देश दुनिया से लोग संगम के किनारे खुले आसमान के नीचे डेरा डालकर पड़े थे. तभी बैरियर तोड़कर आए जनसैलाब के नीचे वे दब गए.&#8217;</p>



<p><strong>&#8216;प्रशासन करता रहा निवेदन&#8217;</strong><br>प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत छोटे लाउडस्पीकर से बार-बार बताते रहे कि &#8216;सभी श्रद्धालु सुन लें..यहां (संगम तट) लेटे रहने से कोई फायदा नहीं है. जो सोवत है, वो खोवत है. उठिए और स्नान करिए. आपके सुरक्षित रहने के लिए यह जरूरी है. बहुत लोग आएंगे और भगदड़ मचने की आशंका है. आप पहले आ गए हैं तो आपको सबसे पहले अमृत स्नान कर लेना चाहिए. सभी श्रद्धालुओं से करबद्ध निवेदन है कि उठें.. उठें.. उठें और स्नान करके वापस जाएं.&#8217; लेकिन श्रद्धालू शुभ संयोग का इंतजार करते रहे और ये हादसा हो गया.</p>



<p>हालांकि, प्रशासन को इस स्थिति का अंदाजा पहले से था कि लोग मौनी अमावस्या पर संगम में ही स्नान को लेकर डटे रहेंगे, ऐसे में प्रशासन की भी जिम्मेदारी थी कि वे किसी तरह लोगों को वहां से हटाएं.</p>
<p>The post <a href="https://krtnewsnetwork.com/national/144-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%a1%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85/">144 साल का संयोग बना भगदड़ की असली वजह? प्रत्यक्षदर्शियों के बयान कर रहे यही इशारा</a> appeared first on <a href="https://krtnewsnetwork.com">KRT News Network</a>.</p>
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		<title>Mahakumbh Setellite Image: स्पेस से कैसा दिख रहा महाकुंभ का दिव्य नजारा! ISRO ने भेज दीं तस्वीरें, आपने देखीं</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mehak Randhawa]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Jan 2025 10:20:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National]]></category>
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		<category><![CDATA[mahakumbh]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>संगम नगरी में हो रहे महाकुंभ में रोज लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते हैं. भारतीय स्‍पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने इंडियन सैटेलाइट्स का इस्‍तेमाल कर महाकुंभ की तैयारियों से&#8230; </p>
<p>The post <a href="https://krtnewsnetwork.com/national/mahakumbh-setellite-image-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%96-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%ae/">Mahakumbh Setellite Image: स्पेस से कैसा दिख रहा महाकुंभ का दिव्य नजारा! ISRO ने भेज दीं तस्वीरें, आपने देखीं</a> appeared first on <a href="https://krtnewsnetwork.com">KRT News Network</a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[
<p>संगम नगरी में हो रहे महाकुंभ में रोज लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाते हैं. भारतीय स्&#x200d;पेस एजेंसी इसरो (ISRO) ने इंडियन सैटेलाइट्स का इस्&#x200d;तेमाल कर महाकुंभ की तैयारियों से लेकर गंगा स्नान तक का फोटो शेयर किया है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="720" height="479" src="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-4.png" alt="" class="wp-image-6568" srcset="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-4.png 720w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-4-300x200.png 300w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>प्रयागराज महाकुंभ में करीब 5 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है. इसरो ने ऑप्टिकल सैटेलाइट्स (sophisticated optical satellites) और राडारसैट का इस्&#x200d;तेमाल करके तस्&#x200d;वीरें ली है.प्रयागराज परेड ग्राउंड को इन टाइम सीरीज तस्वीरों में देखा जा सकता है, जो 6 अप्रैल 2024 को महाकुंभ के शुरू होने से पहले ली गई थी. इसके बाद 22 दिसंबर 2024 की फोटो है जब वहां विकास का काम होता है और फिर अंतिम फोटो 10 जनवरी 2025 की है, जब वहां भारी मात्रा में भीड़ जुटी हुई है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="720" height="508" src="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-5.png" alt="" class="wp-image-6569" srcset="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-5.png 720w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-5-300x212.png 300w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>इन तस्वीरों में महाकुंभ मेले में विशाल बुनियादी ढांचे के निर्माण को दर्शाया गया है. </p>



<p>इन तस्&#x200d;वीरों में अस्थायी टेंट सिटी के निर्माण और नदी पर पुलों को दिखाया गया है.उत्तर प्रदेश प्रशासन भी महाकुंभ मेले में होने वाली दुर्घटनाओं और भगदड़ को कम करने के लिए इन तस्वीरों का उपयोग कर रहा है</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="196" src="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-7.png" alt="" class="wp-image-6571" srcset="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-7.png 720w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-7-300x82.png 300w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>



<p>नए शिवालय पार्क के निर्माण को भी अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों में देखा जा सकता है.संगम नगरी प्रयागराज में हो रहे धर्म के सबसे बड़े आयोजन प्रयागराज 2025 का आज यानी बुधवार (22 जनवरी) को दसवां दिन है. अब तक पवित्र गंगा में 7 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगा चुके हैं.आने वाले दिनों में तीर्थयात्रियों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि चार प्रमुख शाही स्नान अभी बाकी है. महाकुंभ में अगले प्रमुख स्नान की तारीख, 29 जनवरी, 3 फरवरी, 12 फरवरी, और 26 फरवरी है.</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="720" height="196" src="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-6.png" alt="" class="wp-image-6570" srcset="https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-6.png 720w, https://krtnewsnetwork.com/wp-content/uploads/2025/01/image-6-300x82.png 300w" sizes="(max-width: 720px) 100vw, 720px" /></figure>
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		<title>महाकुंभ में सबसे पहले नागा क्यों करते हैं शाही स्नान, 265 साल पुराना है किस्सा… खूब चली थीं तलवारें</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Mehak Randhawa]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jan 2025 08:28:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National]]></category>
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		<category><![CDATA[mahakumbh]]></category>
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<p>प्रयागराज में 45 दिवसीय महाकुंभ के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई. दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम में 6 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. माना जा रहा है कि तीसरे शाही स्नान पर 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचेंगे. शागी स्नान सबसे पहले नागा साधु करते हैं. उसके बाद बाकी लोगों को शाही स्नान करने की अनुमति होती है. आपके भी मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि आखिर नागा साधु ही क्यों सबसे पहले शाही स्नान करते हैं? तो चलिए बताते हैं 265 साल पुराना वो किस्सा.</p>



<p>यदुनाथ सरकार अपनी किताब ‘द हिस्ट्री ऑफ दशनामी नागा संन्यासीज’ में लिखते हैं- ‘कुंभ में पहले स्नान करने को लेकर हमेशा से विवाद होते रहे हैं. नागा साधुओं और वैरागी साधुओं के बीच खूनी जंग हुई है. 1760 के हरिद्वार कुंभ के दौरान पहले स्नान को लेकर नागा और वैरागी आपस में लड़ गए. दोनों ओर से तलवारें निकल आईं. सैकड़ों वैरागी संत मारे गए.</p>



<p>1789 के नासिक कुंभ में भी फिर यही स्थिति बनी और वैरागियों का खून बहा. इस खूनखराबे से परेशान होकर वैरागियों के चित्रकूट खाकी अखाड़े के महंत बाबा रामदास ने पुणे के पेशवा दरबार में शिकायत की. 1801 में पेशवा कोर्ट ने नासिक कुंभ में नागा और वैरागियों के लिए अलग-अलग घाटों की व्यवस्था करने का आदेश दिया. नागाओं को त्र्यंबक में कुशावर्त-कुंड और वैष्णवों को नासिक में रामघाट दिया गया. उज्जैन कुंभ में वैरागियों को शिप्रा तट पर रामघाट और नागाओं को दत्तघाट दिया गया.</p>



<p>इसके बाद भी हरिद्वार और प्रयाग में पहले स्नान को लेकर विवाद जारी रहा. कुंभ पर अंग्रेजों के शासन के बाद तय किया गया कि पहले शैव नागा साधु स्नान करेंगे, उसके बाद वैरागी स्नान करेंगे. इतना ही नहीं, शैव अखाड़े आपस में ना लड़ें, इसलिए अखाड़ों की सीक्वेंसिंग भी तय की गई. तब से लेकर आज तक यही परंपरा चल रही है.</p>



<p>वहीं, धार्मिक मान्यताओं की मानें तो जब देवता और असुर समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश की रक्षा के लिए एक-दूसरे से संघर्ष कर रहे थे, तो अमृत की 4 बूंदे कुंभ के 4 जगहों (प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नाशिक) पर गिर गई. इसके बाद यहां महाकुंभ मेले की शुरुआत की गई. नागा साधु भोले बाबा के अनुयायी माने जाते हैं और वह भोले शंकर की तपस्या और साधना की वजह से इस स्नान को नागा साधु सबसे पहले करने के अधिकारी माने गए. तभी से यह परंपरा चली आ रही कि अमृत स्नान पर सबसे पहला हक नागा साधुओं का ही रहता है. नागा का स्नान धर्म और आध्यत्मिक ऊर्जा की केंद्र माना जाता है.</p>



<p>एक अलग मान्यता के मुताबिक, ऐसा भी कहा जाता है कि आदि शंकराचार्य ने जब धर्म की रक्षा के लिए नागा साधुओं की टोली बनाई, तो अन्य संतों ने आगे आकर धर्म की रक्षा करने वाले नागा साधुओं को पहले स्नान करने को आमंत्रित किया. चूंकि नागा भोले शंकर के उपासक है, इस कारण भी इन्हें पहले हक दिया गया. तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है.</p>



<p>14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर 3.5 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई थी. दस देशों का 21 सदस्यीय दल संगम में स्नान करने के लिए पहुंचा. इससे पहले विदेशी दल ने रात्रि में अखाड़ों के संतो के दर्शन भी किए. महाकुम्भ में 16 जनवरी से 24 फरवरी तक ‘संस्कृति का महाकुम्भ’ होगा. मुख्य मंच गंगा पंडाल का होगा, जिसमें देश के नामचीन कलाकार भारतीय संस्कृति का प्रवाह करेंगे.</p>
<p>The post <a href="https://krtnewsnetwork.com/national/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%ad-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%97/">महाकुंभ में सबसे पहले नागा क्यों करते हैं शाही स्नान, 265 साल पुराना है किस्सा… खूब चली थीं तलवारें</a> appeared first on <a href="https://krtnewsnetwork.com">KRT News Network</a>.</p>
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