कोलकाता के एक अस्पताल में महिला प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया व्यक्ति अपने घर लौटा और सो गया तथा अगली सुबह उसने सबूत नष्ट करने के लिए अपने कपड़े धो लिए. कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल ने कहा, ‘‘अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी घर चला गया था और शुक्रवार सुबह देर तक सोता रहा. जागने के बाद उसने सबूत नष्ट करने के लिए अपराध के दौरान पहने हुए कपड़ों को धोया. तलाशी के दौरान उसके जूते मिले जिन पर खून के धब्बे थे.’’यह पूछे जाने पर कि क्या इस अपराध में कोई और भी शामिल था जैसा कि कुछ लोग आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने कहा, “अभी तक इसका कोई सबूत नहीं है.”
आरोपी एक नगर निकाय स्वयंसेवक है. शुक्रवार की सुबह एक महिला स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर का शव मिला जिससे अस्पताल के सेमिनार हॉल में कथित तौर पर बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई. नगर निकाय स्वयंसेवक को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया.
बंगाल में चौथे दिन भी अस्पतालों में हड़ताल जारी
इस घटना के विरोध और मजिस्ट्रेट जांच की मांग को लेकर जूनियर चिकित्सक, प्रशिक्षु और परास्नातक प्रशिक्षु चिकित्सकों की हड़ताल सोमवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहने के कारण अस्पतालों में सेवाएं बाधित हैं. सूत्रों ने बताया कि पिछले तीन दिन से जूनियर चिकित्सक आपात ड्यूटी कर रहे थे लेकिन सोमवार को सुबह से उन्होंने आपात सेवाएं भी रोक दी हैं.इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सभी वरिष्ठ चिकित्सकों की छुट्टी रद्द कर दी है. एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे वरिष्ठ चिकित्सक ड्यूटी पर हैं और हम उम्मीद करते हैं कि वे मरीजों की भीड़ से निपट लेंगे. उन्हें स्थिति सामान्य होने तक काम करने का निर्देश दिया गया है.’’ प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों को देशभर के विभिन्न हिस्सों से समर्थन मिल रहा है. ‘फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (फोरडा) ने हड़ताल का समर्थन किया है और सोमवार को वैकल्पिक सेवाओं को रोकने का देशव्यापी आह्वान किया है
‘पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम’ ने भी राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर, महिला चिकित्सक से बलात्कार और हत्या मामले की जांच के लिए एक निष्पक्ष जांच समिति गठित करने का अनुरोध किया है. उसने राज्य के विभिन्न अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा तथा दोषी को मृत्युदंड देने की भी मांग की है..