हरियाणा के सोनीपत से बिजली विभाग का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है. यहां बिजली बिल वितरण के बाद बिजली निगम की भारी लापरवाही देखने को मिली है. सोनीपत के उमेदगढ़ गांव के एक उपभोक्ता लवेश गुप्ता को बिजली विभाग ने 355 करोड़ रुपये का बिल भेजा है. वहीं बिल की रकम इतनी ज्यादा देखकर उपभोक्ता परेशान हो गया और अधिकारियों से संपर्क कर इसे सुधारने की मांग की.
लवेश गुप्ता ने बताया कि उनके बिजली बिल में भारी भरकम शुल्क भी जोड़े गए हैं. 25 दिन की बिलिंग में विभाग ने 33 हजार 904 रुपये का फिक्स चार्ज, 199 करोड़ 49 लाख 72 हजार 648 रुपये का एनर्जी चार्ज, 14 करोड़ 9 लाख 99 हजार 128 रुपये का फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट, 134 करोड़ 99 लाख 93 हजार 541 रुपये का पीएलई चार्ज, दो करोड़ 99 लाख 99 हजार 814 रुपये की इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और चार करोड़ 27 लाख 20 हजार 113 रुपये का म्युनिसिपल टैक्स शामिल है.
एक उपभोक्ता को भेजा गया 78 लाख से ज्यादा का बिल
उन्होंने कहा कि जब हमने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने इसे टेक्निकल फॉल्ट बताया. वहीं बसंत विहार में एक घरेलू उपभोक्ता सरोज बाला को बिजली विभाग ने 78 लाख 16 हजार 100 रुपये का बिल भेजा था. बिल में दो दिन में 9,99,322 यूनिट खपत दिखाई गई थी, जो घरेलू उपभोक्ता के लिए संभव नहीं है. इसमें 4,69,681 रुपये का फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट, 99,932 रुपये की इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और 1,51,297 रुपये का म्युनिसिपल टैक्स दिखाया गया था.
उपभोक्ता सरोज बाला के बेटे वकील विकास गुप्ता ने शिकायत की तो निगम ने बिल को ठीक किया. अब उपभोक्ता को 723 रुपये का बिल आया है. इस बारे में गन्नौर सब डिवीजन के सिटी एसडीओ सचिन दहिया ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं द्वारा लोड बढ़वाया गया था, उन्हीं में इस तरह की तकनीकी दिक्कत आई है. 16 उपभोक्ताओं के बिलों में गलती हुई थी, जिन्हें ठीक करवा कर सभी उपभोक्ताओं को जानकारी दे दी गई है.