उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के विवाह समारोह में शामिल होने को लेकर जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वो वर वधु को आशीर्वाद देने गए थे. उन्होंने कहा कि इतने बड़े आयोजन में न तो शराब परोसी गई और न ही मांसाहार.
उत्तराखंड (Uttarakhand) स्थित जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, ”विशिष्ठ जन जो करते हैं उसका अनुसरण आम लोग भी करते हैं. अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी से पहले और बाद में कई कार्यक्रम हुए, लेकिन एक दिन भी शराब नहीं परोसी गई. हजारों तरीके के खाने बनाए गए, लेकिन मांसाहार नहीं परोसा गया.”
उन्होंने आगे कहा, ”शादी में कई धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया. भारतीय संस्कृति के तहत विवाह हुआ. ऐसे में मुझे लगा कि आशीर्वाद देना चाहिए. हम तो अमीर और गरीब दोनों के घरों में जाते हैं. ऐसे में हमको पता है कि विवाह का आयोजन होने पर बाराती सवाल करते हैं कि हमारे लिए क्या व्यवस्था है.”
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने क्या इस विवाह समारोह में नेताओं, हिंदी एवं दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत व हॉलीवुड की हस्तियों के अलावा देश के लगभग सभी शीर्ष क्रिकेटर शामिल हुए थे. इस शादी को सबसे बड़ी शादियों में से एक कहा जाने लगा है. विवाह से पहले भी कई दिनों तक प्री-वेडिंग कार्यक्रम हुए थे. कहा?
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Avimukteshwaranand) ने बताया कि शादी शब्द नहीं है, लेकिन हमारे यहां तो विवाह शब्द है. एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के बेटे अनंत अंबानी और उद्योगपति वीरेन मर्चेंट की बेटी राधिका मर्चेंट ने 12 जुलाई को एक भव्य समारोह में शादी कर ली.