भारत ने अमेरिका के साथ मंगलवार (15 अक्टूबर) को एक डील पक्की की है. इस डील के तहत भारत अमेरिका से 31 MQ-9B प्रीडेटर ड्रोन खरीदेगा. नई दिल्ली में दोनों देशों के प्रतिनिधियों इस डील पर हस्ताक्षर किए.
भारत-अमेरिका के इस ड्रोन डील में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल सुविधा स्थापित करने की भी बात कही गई है. इस डील के कुल लागत 32000 रुपए करोड़ की है. जानकारी के लिए बता दें कि ये ड्रोन जमीन से महज 250 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते हुए टारगेट तक पहुंच सकता है .31 MQ-9B ड्रोन के लंबी दूरी की बात की जाए तो ये 50 हजार फीट से भी अधिक ऊंचाई पर उड़ सकता है. इसकी अधिकतम रफ्तार 442 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है.
अब भारत की तीनों सेनाओं के पास हंटर-किलर ड्रोन्स होंगे. इसकी मदद से देश की समुद्री और जमीनी सीमा की सुरक्षा और निगरानी में मदद मिलेगी.31 MQ-9B ड्रोन में से अब तीनों सेनाओं को अलग-अलग संख्या में ड्रोन्स मिलेंगे. जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल जून में पीएम मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे. उस समय अमेरिका ने 31 HALE ड्रोन का प्रस्ताव दिया था. HALE यानी हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस. मतलब ये MQ-9B हंटर किलर ड्रोन अधिक ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भर सकता है. इसे प्रिडेटर या रीपर भी कहा जाता है.इस अत्याधुनिक ड्रोन को 4 मिसाइलों और करीब 450 किलोग्राम के बम सहित लगभग 1,700 किलोग्राम वजन के साथ उड़ाया जा सकता है. इसकी रेंज 3,218 किलोमीटर है. इसकी खास बात ये है कि ये ड्रोन लगातार 35 घंटे तक उड़ सकता है.इस अत्याधुनिक ड्रोन को 4 मिसाइलों और करीब 450 किलोग्राम के बम सहित लगभग 1,700 किलोग्राम वजन के साथ उड़ाया जा सकता है. इसकी रेंज 3,218 किलोमीटर है. इसकी खास बात ये है कि ये ड्रोन लगातार 35 घंटे तक उड़ सकता है.MQ-9B प्रीडेटर में हथियारों के नाम पर मिसाइल लगाए जाते हैं. इसमें सात हार्ड प्वाइंट होते हैं, दो इनबोर्ड स्टेशन, दो मिडल स्टेशन एक आउटबोर्ड स्टेशन और सेंटर स्टेशन. इसमें 4 AGM-114 Hellfire मिसाइलें लगी होती हैं, ये हवा से जमीन पर सटीकता से हमला करती हैं.
अब भारत की तीनों सेनाओं के पास हंटर-किलर ड्रोन्स होंगे. इसकी मदद से देश की समुद्री और जमीनी सीमा की सुरक्षा और निगरानी में मदद मिलेगी.31 MQ-9B ड्रोन में से अब तीनों सेनाओं को अलग-अलग संख्या में ड्रोन्स मिलेंगे. जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल जून में पीएम मोदी अमेरिका दौरे पर गए थे. उस समय अमेरिका ने 31 HALE ड्रोन का प्रस्ताव दिया था. HALE यानी हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्योरेंस. मतलब ये MQ-9B हंटर किलर ड्रोन अधिक ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भर सकता है. इसे प्रिडेटर या रीपर भी कहा जाता है.इस अत्याधुनिक ड्रोन को 4 मिसाइलों और करीब 450 किलोग्राम के बम सहित लगभग 1,700 किलोग्राम वजन के साथ उड़ाया जा सकता है. इसकी रेंज 3,218 किलोमीटर है. इसकी खास बात ये है कि ये ड्रोन लगातार 35 घंटे तक उड़ सकता है.इस अत्याधुनिक ड्रोन को 4 मिसाइलों और करीब 450 किलोग्राम के बम सहित लगभग 1,700 किलोग्राम वजन के साथ उड़ाया जा सकता है. इसकी रेंज 3,218 किलोमीटर है. इसकी खास बात ये है कि ये ड्रोन लगातार 35 घंटे तक उड़ सकता है.MQ-9B प्रीडेटर में हथियारों के नाम पर मिसाइल लगाए जाते हैं. इसमें सात हार्ड प्वाइंट होते हैं, दो इनबोर्ड स्टेशन, दो मिडल स्टेशन एक आउटबोर्ड स्टेशन और सेंटर स्टेशन. इसमें 4 AGM-114 Hellfire मिसाइलें लगी होती हैं, ये हवा से जमीन पर सटीकता से हमला करती हैं.