दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है. ऐसे में अब अगले सीएम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. यहां सीएम पद की रेस में कई नाम सामने आ रहे हैं. हालांकि, अन्य प्रदेशों में हाल ही में हुए चुनावों में बीजेपी ने जो मिसाल पेश की है, उसे देखते हुए कहा जा रहा है कि वह किसी निर्वाचित विधायक को मुख्यमंत्री बना सकती है. ऐसे में सीएम की रेस में इन विधायकों का नाम सबसे आगे है.

रेस में ये नाम शामिल
पूर्वांचली और बिहारी फैक्टर अहम
दिल्ली चुनाव में पूर्वांचली मतदाताओं की अहम भूमिका रही है और आगामी बिहार चुनाव को देखते हुए बीजेपी इस फैक्टर पर भी विचार कर सकती है. ऐसे में बक्सर जिले के डॉक्टर पंकज सिंह के नाम पर पार्टी विचार कर सकती है. इन्होंने विकासपुरी सीट से 49.6 प्रतिशत मत पाकर निकटतम प्रतिद्वंदी आप के महिंदर यादव को करीब 13 हजार मतों से हराया. बता दें उनके बड़े भाई मनोज सिंह सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता हैं. जबकि इनके पिता स्वर्गीय राज मोहन सिंह दिल्ली में आयुक्त के पद पर थे.
BJP के लिए ये फैक्टर भी अहम?
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ऐसे कार्यकर्ता को पुरस्कृत कर सकती है जिसने जमीनी स्तर से संगठन में अपनी जगह बनाई हो. वहीं बीजेपी के पास पंजाबी-सिख चेहरा चुनने का भी विकल्प है. राजौरी गार्डन से मनजिंदर सिंह सिरसा और जनकपुरी से आशीष सूद अच्छे दावेदार हैं. सूद पंजाबी हैं और संगठन के काम में सक्रिय रहे हैं.
वह जम्मू-कश्मीर के सह-प्रभारी भी रहे हैं और एमसीडी में काम करने के कारण शहर के शासन से परिचित हैं. पंजाबी-सिख चेहरा चुनकर बीजेपी पंजाब में सिख समुदाय के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर सकती है. इसके अलावा पार्टी जाट और वैश्य फैक्टर भी अहम माने जा रहे हैं. हालांकि, बीजेपी अक्सर चौंकाने वाले फैसले लेती है, इसलिए अंतिम नाम किसी को भी चौंका सकता है.
बता दें बीजेपी दिल्ली में आखिरी बार 1993 से 1998 के बीच सत्ता में थी. इस पांच साल की अवधि के दौरान, पार्टी ने तीन मुख्यमंत्री बनाए जिनमें मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज का नाम शामिल है.