
MP Politics News: एमपी कांग्रेस को पिछले पांच सालों में काफी दिग्गज नेता छोड़ चुके हैं। अब सबकी निगाहें पूर्व सीएम कमलनाथ पर टिकी हैं।
मध्य प्रदेश की राजनीति में सियासी घमासन थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व सीएम कमलनाथ और छिंदवाड़ा सांसद नकुलनाथ की बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है। अब आगे क्या होता है, ये तो वक्त ही बताएगा। आइए हम आपको बताते हैं कि अबतक एमपी के कितने कांग्रेस नेता पिछले पांच सालों में बीजेपी ज्वाइन कर चुके है।
किसकी किस्मत चमकी साल 2018 में कांग्रेस सिर्फ 15 महीने ही सरकार चला पाई थी। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने विधायकों के साथ बीजेपी में शामिल हो गए थे। जिसके कारण कांग्रेस को सत्ता खोनी पड़ी थी। बीजेपी में शामिल होने के बाद सिधिंया को राज्यसभा भेज दिया गया और केंद्र सरकार में उड्डयन मंत्री बना दिया गया। उनके खास समर्थकों को मंत्री पद दिया गया। इसमें तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित अन्य मंत्री शामिल थे। वहीं 2023 विधानसभा चुनाव में सिधिंया समर्थक प्रद्युमन सिंह तोमर, बृजेंद्र यादव, गोविंद सिंह राजपूत, डॉ. प्रभुराम चौधरी, मनोज चौधरी और तुलसी सिलावट चुनाव ने जीते है। हारने वालों में महेंद्र सिसोदिया, सुरेश धाकड़, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव और रामखेलावन पटेल,मुरैना से रघुराज कंसाना, अंबाह से कमलेश जाटव, डबरा से इमरती देवी, और जजपाल सिंह जज्जी हैं। हालांकि इमरती देवी को डबरा से दोबारा टिकट दी गई थी, लेकिन उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा।
मध्य प्रदेश में 2018 में कमलनाथ ने भाजपा के विजय रथ को रोक कर कांग्रेस की सत्ता में वापसी कराई थी। हालांकि, 15 महीनों की सरकार के बाद ज्योतिराद