Bank Loan Update: बैंकों ने लोन देने से हाथ खींचे, जानिए कितना बड़ा है ये संकट!

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 बैंकों के रवैये से इकोनॉमी पर लाल बत्ती जल सकती है. बैंक लोन देने से हाथ खींच रहे हैं. इस कारण नवंबर महीने में लगातार पांचवें महीने लोन देने की वृद्धि दर में गिरावट देखी गई. भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में सर्विस सेक्टर को दिए लोन की वृद्धि दर 14.4 फीसदी रह गई. जो सालभर पहले इसी महीने में 22.2 फीसदी थी. यह नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों की ओर से दिए जाने वाले लोन में कम ग्रोथ के कारण भी है. आंकड़े पर्सनल और अनसिक्योर्ड लोन में गिरावट भी दिखा रहे हैं.

बैंकों द्वारा दिए लोन में पिछले साल के नवंबर महीने की तुलना में 11.8 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. जो 2023 के नवंबर में उससे पहले के साल की तुलना में 16.5 फीसदी था. यह स्थिति तब है जब एचडीएफसी बैंक के  उसके मूल होल्डिंग में मर्जर के असर को शामिल नहीं किया गया है. अगर इस असर को भी शामिल कर लिया जाय तो बैकों के लोन नवंबर में केवल 10.6 फीसदी बढ़े. इसकी अगर 2023 के नवंबर महीने से तुलना की जाय तो उस समय 21 फीसदी की उछाल थी. मर्जर को हटाकर अक्टूबर में ग्रोथ रेट में 12.8 फीसद पर अटक गया. अगर मर्जर के असर को शामिल कर लिया जाय तो यह 11.5 फीसदी से ज्यादा नहीं है.

एचडीएफसी बैंक के मर्जर के असर को हटाकर बैंकों के पर्सनल लोन ग्रोथ 22.4 फीसदी से गिरकर 12.2 फीसदी के स्तर पर आ गए. वहीं क्रेडिट कार्ड का बकाया 34.2 फीसदी से घटकर 18.1 फीसदी पर आ गया है. असुरक्षित खुदरा लोन का ग्रोथ रेट भी घटकर सितंबर 2021 के 27 फीसदी से घटकर सितंबर 2024 में 15.6 फीसदी पर आ गया है. 

रिजर्व बैंक ने भी पर्सनल लोन और असुरक्षित लोन में गिरावट पर चिंता जताई है. इस कारण बैंक और नॉन बैंकिंग कंपनियों को रिस्क वेट के लिए और भी पूंजी सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है.

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