पाकिस्तान को पश्चिमी मोर्चे पर ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारत ने जो सबक सिखाया है, वो शायद उसके परम मित्र चीन को रास नहीं आया है. पाक के तेवर ढीले पड़ते ही चीन ने पूर्वी सीमा चाल चलने की कोशिश की, जो उसी पर उल्टी पड़ी. पहले तो चीन ने अरुणाचल प्रदेश के तमाम गांवों के नाम बदले फिर. लेकिन भारत ने पूरी ताकत से अरुणाचल पर आंख उठाने वाले चीन को तगड़ा संदेश देने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार अरुणाचल प्रदेश में नव वर्ष 2026 के स्वागत के लिए भव्य तैयारी कर रही है. अरुणाचल के सीमावर्ती डोंग गांव में सूर्य नमस्कार का विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, ताकि चीन को साफ संदेश दिया जा सके. ये वही गांव है, जहां भारत की धरती पर सबसे पहले सूरज की किरणें पड़ती हैं.इससे चीन सरकार सकते में है. सूर्योदय के इस महोत्सव की गूंज दुनिया भर में सुनाई देगी. जिस तरह कश्मीर पर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया गया है, उसी तरह अरुणाचल पर भारत दो टूक लहजे में चीन को रणनीतिक संदेश देगा. डोंग गांव भारत-चीन और म्यांमार के जंक्शन के पास एक दूरवर्ती इलाका है.अरुणाचल सरकार का फैसला
अरुणाचल सरकार ने 13 मई को कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई. कैबिनेट की ये बैठक भी सीमावर्ती किबिथू इलाके में हुई, जो चीन सीमा के निकट भारतीय सेना की अग्रिम चौकी है.सीमा के पास ये महोत्सव 29 दिसंबर से तीन जनवरी तक चलेगा. भारत इस इलाके में पर्यटन को बढ़ावा देगा. यहां ट्रेकिंग, वॉटर स्पोर्ट्स और अन्य एडवेंचर गेम्स आयोजित होंगे. इसमें बड़ी संख्या में टूरिस्ट आ सकते हैं.
सूर्य नमस्कार से डरा चीन, भारत के खिलाफ पाकिस्तान के परम मित्र का दांव उल्टा पड़ा
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