भारत की सबसे बदनाम ट्रेनें, इतनी लेट चलती हैं कि बना शर्मनाक रिकॉर्ड; फिर भी खचाखच भरे रहते हैं डिब्बे

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Indian Railway Most Delayed Trains: भारतीयों ट्रेनों की लेट लतीफी आम बात है. कुछ ट्रेनों को छोड़ दें तो भारतीय रेल की अधिकांश ट्रेनें वक्त की पाबंद नहीं है. ट्रेनों की लेट लतीफी का आलम यह है कि रेलवे अपनी पंक्चुअलिटी पर खड़ा नहीं उतर पाता है, रेलवे के एक जोन की पंक्चुअलिटी तो गिर कर 58.67 फीसदी तक घट गई है. ट्रेनों को समय से चलाने में सबसे पीछे साउथ इस्टर्न सेंट्रल रेलवे (SECR) है, जिसकी  पंक्चुअलिटी 58.67 फीसदी रही.  कोहरे, बारिश की मार के चलते ट्रेनों का लेट होना जायद है, लेकिन कई ट्रेनों ने तो देरी की आदत बना ली है. 

 खबर के मुताबिक साल 2017 में कोटा से पटना के बीच चलने वाली ट्रेन 13228 डाउन कोटा-पटना एक्सप्रेस ने लेट चलने का वर्ल्ड रिकार्ड बना लिया. ट्रेन 72 घंटे से अधिक की देरी से पहुंची. रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर इससे पहले सबसे लेट चलने वाली ट्रेन के का रिकॉर्ड महानंदा एक्सप्रेस का नाम दर्ज था. दिसंबर 2014 में  महानंदा एक्सप्रेस मुगलसराय-पटना रेलखंड पर 71 घंटे लेट पहुंची. हालांकि ये लिस्ट काफी लंबी है. 

Running Status के डेटा के मुताबिक ट्रेन 01027 मुंबई दादर सेंट्रल से गोरखपुर तक जाने वाली स्पेशल ट्रेन कभी भी अपने तय वक्त पर नहीं पहुंच सकी. मुंबई से गोरखपुर के बीच1,881 किमी की दूरी तो तय करने नें इस ट्रेन को साढ़े 36 घंटे का वक्त लगता है, लेकिन पूरे साल यह ट्रेन लेट रही.  ट्रेन का औसतन तौर पर 13 घंटे की देरी से पहुंची है. ट्रेन का औसत लेट टाइम 781 मिनट रहा है.  

RailYatri के मुताबिक 12524 नई दिल्ली – न्यू जलपाईगुड़ी सुपरफास्ट एक्सप्रेस का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है और इसे सबसे लेट लतीफ ट्रेन का तमगा मिला है. जिस दूरी तो तय करने में ट्रेन को साढ़े 27 घंटे का वक्त लगना चाहिए उसे तय करने में इसे औसतन तौर पर 20 घंटे अतिरिक्त लगते हैं.   Running Status के एवरेज पर सालभर में यह ट्रेन औसतन रूप से 338 मिनट लेट रही है.  ट्रेन का लेट प्रतिशत 96% है.  

 

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