अगर आप भी नौकरीपेशा हैं और हर महीने आपकी सैलरी से पीएफ कटता है तो यह खबर आपके काम की है. जी हां, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला लिया गया है. अब सर्विस पीरियड के दौरान ओवरलैप होने पर कर्मचारियों के पीएफ क्लेम को खारिज नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही अब क्लेम और पैसा निकालने के लिए एचआर डिपार्टमेंट से वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होगी. नए नियम से कर्मचारी अपनी सेविंग को आसानी से एक्सेस कर पाएंगे.सर्विस ओवरलैप उसे कहा जाता है जब रिकॉर्ड में एक कर्मचारी एक ही तारीख को दो अलग-अलग कंपनियों में काम करता दिखाई देता है. ऐसा उस समय होता है जब एक कंपनी से नौकरी छोड़ने की तारीख और दूसरी कंपनी ज्वाइन करने की तारीख में गलती हो. पहले इस ओवरलैप के कारण ईपीएफओ के रीजनल ऑफिस क्लेम को खारिज कर देते थे. लेकिन 20 मई 2025 को जारी सर्कुलर में ईपीएफओ की तरफ से कहा गया कि ओवरलैप होने पर भी क्लेम को एक्सेप्ट करना होगा.ओवरलैप अब क्लेम का आधार नहीं
ईपीएफओ की तरफ से सर्कुलर जारी कर अपने सभी ऑफिस को निर्देश दिया गया है कि सर्विस ओवरलैप के कारण ट्रांसफर क्लेम को रिजेक्ट नहीं किया जाए. सर्कुलर में कहा गया ‘सर्विस ओवरलैप कई कारणों से हो सकता है. इसके आधार पर क्लेम खारिज नहीं किया जाना चाहिए. क्लेम केवल उसी कंडीशन में रोका जाएगा जब ओवरलैप को स्पष्ट करने की वास्तविक जरूरत हो.कर्मचारियों को बड़ी राहत
ईपीएफओ की तरफ से लिये गए फैसले से 7 करोड़ सैलरीड क्लास में से लाखों लोगों को फायदा मिलेगा. नौकरीपेशा के लिए भविष्य निधि रिटायरमेंट आय और फाइनेंशियल सिक्योरिटी का बड़ा सोर्स है. यह उनकी जिंदगीभर की सेविंग का मुख्य हिस्सा होता है. पर्सनल फाइनेंस के जानकार कुणाल काबरा ने कहा, ‘यह कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है. अगर किसी कर्मचारी ने 20 साल काम किया और दो कंपनियों के बीच एक दिन का भी ओवरलैप हुआ तो उसका पैसा अटक जाता था.’ खासकर कर्मचारी की मौत के बाद उनकी फैमिली को यह राशि निकालने में बहुत परेशानी होती थी.
8.25% ब्याज दर पर लगी मुहर
इससे पहले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए पीएफ खाते में जमा पैसे पर मिलने वाली ब्याज दर 8.25% बरकरार रखने के ईपीएफओ के फैसले को वित्त मंत्रालय की तरफ से मंजूरी दी गई. फरवरी के महीने में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी ने 28 फरवरी को मीटिंग में ब्याज दर को 8.25% पर बरकरार रखने का निर्णय लिया था. FY 2023-24 के लिए सरकार की तरफ से ब्याज दर को 8.15% से 0.10% बढ़ाकर 8.25% किया गया था.