‘जख्मों को न कुरेदे सुक्खू सरकार’, मंडी में आपदा पर जयराम ठाकुर ने लगाए भेदभाव के आरोप

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हिमाचल के राजस्व मंत्री के बयान पर विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर का दर्द छलका. उन्होंने कहा कि हिमाचल में आई आपदा से सबसे ज्यादा मंडी जिला प्रभावित हुआ है.

मंडी का सराज क्षेत्र तो पूरी तरह तबाह हो गया है, जिसको पहले की तरह होने में सालों लग जाएंगे, लेकिन सुक्खू सरकार को जो मदद करनी चाहिए नहीं हो रही है. 

राजस्व मंत्री ने जयराम ठाकुर पर किया था तंज

राजस्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा था कि जब जयराम ठाकुर के पैर में कील लगी तो उन्हें दर्द का अहसास हुआ. जयराम ठाकुर ने कहा कि मेरा पूरा प्रदेश है लेकिन सराज में जहां उन्होंने अपनी जिंदगी लगा दी वहां एक रात में 42 लोगो की मौत हो गई उसकी पीड़ा उनको है. उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री को ऐसे बयानों से क्या आनंद की अनुभूति हो रही है. राजस्व मंत्री अभी तक एक बार भी मंडी के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने नहीं गए.

सीएम सुक्खू पर लगाए उपेक्षा के आरोप

जयराम ठाकुर ने बताया कि मंडी जिले को 30 जून की रात को आई त्रासदी में ही एक हजार करोड़ का नुकसान हो गया. अकेले 500 करोड़ का नुकसान तो पीडब्ल्यूडी विभाग को हुआ है. बदले में मुख्यमंत्री ने मंडी जाकर मात्र एक करोड़ ही दिए.

उन्होंने कहा कि सराज में 500 परिवार बेघर हैं जो अस्थाई शिविरों में रह रहे हैं. सबसे बड़ी चिंता उनके पुनर्वास की है, क्योंकि दो माह बाद सर्दी आ जाएगी, ऐसे में उन लोगों के रहने के लिए सरकार कम्युनिटी सेल्टर बनाए.

जयराम ठाकुर ने कहा कि दूसरी चिंता सेब की फसल की है कि क्षेत्र में सड़कों की दुर्दशा के चलते सेब मंडियों तक कैसे पहुंचाया जाएगा. पानी कि योजनाएं बह चुकी हैं उनको रिस्टोर करने में वक्त लगेगा. पानी का संकट खड़ा हो जायेगा.

जयराम ठाकुर ने सभी से मांगी मदद

सरकार इसको लेकर भी जल्द कुछ करे. NGO संस्थाओं और अन्य लोग मंडी में मदद कर रहे हैं. उनके कहने पर दो दर्जन जेसीबी ठेकेदारों ने सड़क खोलने के लिए लगाई है. जयराम ठाकुर ने कहा कि 20 दिन सराज में लगाकर आया हूं वहां सब कुछ तबाह हो चुका है, जीवन को पटरी पर लाने में वक्त लगेगा. इसलिए जो लोग सहायता कर सकते हैं वह आगे आएं.

उन्होंने कहा कि आपदा में सरकार उनके जख्मों को न कुरेदे बल्कि जल्द कैबिनेट की बैठक बुलाकर विशेष राहत पैकेज की घोषणा करें. वह दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से मदद की मांग करेंगे.

सरकार को इस तरह की आपदा की स्टडी करवाकर कारणों की जांच करनी चाहिए. सरकार आपदा का बहाना बनाकर सराज से संस्थानों को शिफ्ट कर रही है. शिमला में दो साल पूर्व त्रासदी आई तो क्या राजधानी बदल दी. सरकार भाजपा के विधानसभा क्षेत्रों के साथ भेदभाव कर रही है.

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