भारत सरकार देश के लोगों के लिए बहुत सारी योजनाएं चलाती हैं. सरकार अलग-अलग लोगों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग योजनाएं लेकर आती रहती हैं. भारत कृषि प्रधान देश है. और आज भी भारत की 50% से भी ज्यादा आबादी कृषि के सहारे ही अपना जीवन चलती है. इसीलिए भारत सरकार किसानों की खास देखरेख करती है और उनके लिए नई-नई हितकारी योजना लेकर आती है. भारत में बहुत से किसान ऐसे हैं जो कि आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं है.
ऐसे किसानों की मदद करती है. साल 2018 में भारत सरकार ने इन्हीं किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मeन निधि योजना शुरू की थी. जिसके तहत सरकार सालाना 6000 हजार रुपये देती है. योजना की अब तक 17 किस्तें भेजी जा चुकी है. अब किसानों को 18वीं किस्त का इंतजार है. लेकिन इन किसानों को 18वीं किस्त मिलने में दिक्कत हो सकती है कहीं आपका नाम भी तो इसमें नहीं शामिल चलिए जानते हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार साल में 2000 की तीन किस्तें किसानों के खाते में भेजती है. चार-चार महीनों के अंतराल पर यह किस्तें भेजी जाती हैं. योजना की 17वीं किस्त जून के महीने में भेजी गई थी. ऐसे में मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि योजना की अगली किस्त अक्टूबर के महीने में भेजी जा सकती है. हालांकि बता दें अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. पीएम किसान योजना के तहत अब तक 12 करोड़ से भी ज्यादा किसानों को लाभ मिल चुका है.
किसान योजना के तहत सरकार ने सभी किसानों को ई-केवाईसी करवाने के निर्देश दे दिए हैं. लेकिन अभी भी बहुत से किसान ऐसे हैं जिन्होंने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा नहीं करवाया है. किसान योजना के तहत जिन किसानों ने अब तक ई केवाईसी और भू-सत्यापन के काम को पूरा नहीं करवाया है.
उन किसानों की अगली किस्त अटक सकती है. ऐसे में किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसीलिए बेहतर है कि अगली किस्त जारी होने से पहले ई केवाईसी और भू सत्यापन के काम को करवा लिया जाए. किसान अपने नजदीकी सीएससी सेंटर जाकर इन दोनों कामों को करवा सकते हैं.