अब पानी में तैरेंगे सोलर पैनल, जानिए ऐसा क्यों कर रहा ड्रैगन और इसकी क्या है जरूरत?

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घर की छत या फिर जमीन पर लगे सोलर पैनल आपने जरूर देखे होंगे, लेकिन क्या कभी समुद्र या फिर पानी में तैरते हुए सोलर पैनल देखें हैं. जी हां ये भी वही सोलर पैनल हैं, जो कि बिजली पैदा करने की क्षमता रखते हैं. दुनिया में एक ऐसा देश है, जो कि तैरते हुए सोलर पैनल तैयार कर रहा है. अब ये सोलर पैनल आपको लोगों की छतों या जमीन पर नहीं बल्कि नदियों में तैरते हुए दिखाई देंगे. सिर्फ नदियों में ही नहीं बल्कि झीलों, जलाशयों पर भी फ्लोटिंग सोलर पैनल लगे होंगे. चलिए इस बारे में विस्तार से जानें. 

फ्लोटिंग सोवर पैनल को बढ़ावा दे रहा यह देश

दुनिया में ऐसा अनोखा काम चीन कर रहा है. चीन में 2021 की झेजियांग नहर परियोजना और यांग्त्ज़ी और पर्ल नदी घाटियों में मत्स्य पालन-फोटोवोल्टिक प्रणाली के जरिए फ्लोटिंग सोलर पैनल तैयार किए जा रहे हैं. नदियों पर ये परियोजना तो चीन में चल रही हैं, लेकिन साल 2030 तक नवीकरणीय लक्ष्य है. चीन में पहले से भी कई बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं चल रही हैं और साल 2025 में भी इस पर काम जारी रहेगा. यह वैश्विक नवीनीकरण ऊर्जा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. 

चीन का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर फार्म

फ्लोटिंग सोलर पैनल जिनको पानी पर तैरने वाले सोलर पैनल के नाम से भी जाना जाता है. यह फोटोवोल्टिक (PV) तकनीक है, जो कि झीलों, जलाशयों या फिर समुद्र की सतह पर स्थापित किया जाता है. यह तकनीक पारंपरिक सौर ऊर्जा प्रणालियों की तुलना में बहुत फायदा देती है, जैसे कि धरती के इस्तेमाल की जरूरत को कम कर देना और पानी की सतह से वाष्पीकरण को कम करना. चीन में फ्लोटिंग सोलर फार्मों की स्थापनी में बढ़ोतरी हो रही है. जैसे कि देझोउ डिंगझुआंग फ्लोटिंग सोलर फार्म 320 मेगावाट की क्षमता के साथ चीन का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर फार्म है. इसके अलावा चीन की सरकार ने 2030 तक 1200 गीगावॉट की संयुक्त पवन ऊर्जा क्षमता को हासिल करने का लक्ष्य रखा है, फ्लोटिंग सोलर पैनल इसमें अहम भूमिका निभाएगा. 

समुद्र पर भी सोलर पैनल

चीन की फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं दुनियाभर में इस तकनीक के विकास और उपयोग तो बढ़ावा देती है. चीन ने शांदोंग प्रांत में 1 गीगावॉट की क्षमता वाली दुनिया की सबसे बड़ी अपतटीय फ्लोटिंग सोलर परियोजना को पूरा किया है. यह परियोजना एक पहले से जलमग्न कोयला खदान के ऊपर स्थापित की गई है, जो कि खाली पड़ी जगह का इस्तेमाल करता है, साथ ही साथ सौर उत्पादन के लिए अनूठी जगह प्रदान करती है. इसके अलावा चीन ने उत्तरी सागर में भी अपतटीय सोलर पार्क स्थापित किए हैं.  

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