तेहरान:ISRAEL के साथ अपने युद्ध के साथ बाद ईरान काफी सतर्क हो गया है. वो अपने देश के अंदर उन लोगों की धरपकड़ में जुटा है, जो किसी भी तरह की जासूसी में शामिल हैं. इसी सिलसिले में ईरान लगातार अफगान नागरिकों को अपने देश से अफगानिस्तान डिपोर्ट कर रहा है. पिछले दो महीनों के दौरान उसने लाखों अफगान नागरिकों को वापस ईरान भेजा है. इसके अलावा उसने कई अफगान नागरिकों को जासूसी करने के आरोप में भी गिरफ्तार किया है. IRAN का मानना है कि अफगानी नागरिक उसके यहां अराजकता बढ़ा रहे हैं. इसके साथ ही विदेश के लिए जासूसी कर रहे हैं. इस आरोप में उसने कुछ अफगान नागरिकों को फांसी भी दे दी है. उसके विदेशी दुश्मनों के इशारे पर उसके अनेक रक्षा संस्थानों और अन्य महत्वपूर्ण जगहों की फोटोग्राफी कर विदेश भेज रहे हैं. ऐसे में अब ईरान ने अफगानी नागरिकों के ईरान आने पर भी कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है.
अफगानी नागरिकों को लेकर वीजा नीति सख्त
अफगानी नागरिकों को लेकर ईरान ने अपनी वीजा नीति को कड़ा कर दिया है. ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि अब केवल तीन तरह के वीजा के आधार पर ही अफगानी नागरिक ईरान आ पाएंगे. अगर उनके पास इन तीन तरह के वर्गीकृत वीजा नहीं है तो वह ईरान की यात्रा नहीं कर पाएंगे. इसके साथ ही अगर कोई देश के अंदर कोई अवैध रूप से रहता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ ईरान कड़ी कार्रवाई करेगा. ईरान की नई वीजा नीति के मुताबिक केवल विशिष्ट मानदंडों के आधार पर ही अफगानी नागरिक ईरान आ पाएंगे.
किन 3 वीजा पर होगी छूट?
इनमें पहला वीजा है जो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के आधार पर अफगान नागरिकों को दिया जाएगा.दूसरे वीजा के तहत अफगानी नागरिक का ईरान में रिश्तेदार होना जरूरी है इसके तहत उसे वीजा मिलेगा.इसके अलावा अगर किसी अफगानी नागरिक को किसी ईरानी कंपनी ने ईरान में रोजगार दिया है तो उसके रोजगार लेटर के आधार पर उसे वीजा दिया जाएगा.
इसके अलावा किसी भी ग्राउंड पर ईरान में अफगानिस्तान के नागरिकों को एंट्री नहीं मिलेगी. खामेनेई के इस फैसले से अफगानिस्तान पर काफी असर पड़ेगा क्योंकि साल 2023 के डेटा के मुताबिक ईरान में करीब 30 लाख अफगानी नागरिक रह रहे थे. UNHCR के मुताबिक ईरान में कुल 7.62 लाख पंजीकृत शरणार्थी हैं, जिनमें 7.50 लाख अफगान और 12,000 इराकी हैं. एक अनुमान के मुताबिक 20 लाख अनडॉक्यूमेंटेड अफगान भी ईरान में रहते हैं