मंडी. हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बुधवार को हल्की धूप खिली है. वहीं, राहत और बचाव का काम भी तेज हो गया है. सड़कों को खोलने के लिए प्रशासन ने मशीनरी उतारी है. वहीं, अब तक जिले में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, 34 लोग लापता हैं.
मंडी जिले के गोहर की परवाड़ा पंचायत के तलवाडा के गांव से दर्दनाक खबर है.यहां पर एक परिवार के महिला, उसका बेटी बहू और बच्ची मचले में दब गए थे. इसमें केवल नौ महीने की बच्ची जिंदा बची है. बाकी लोगों की मौत हो गई है. हालांकि, अभी केवल बच्ची के पिता का शव मिला है और पत्नी और मां की तलाश की जा रही है.
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के सिक्य़ोरिटी इंचार्ज और पुलिस सेवा से रिटायर बलवंत ठाकुर सोशल मीडिया पर लिखते हैं कि ग्राम पंचायत परवाड़ा के गांव तलवाड़ा में मेरी चाची पूर्णु देवी, उनका बेटा नरेश कुमार और पत्नी भूस्खलन में दब गए हैं. नरेश की 9 माह की बेटी सुरक्षित है. मंगलवार शाम को उन्होंने लिखा कि अभी-अभी नरेश कुमार की डेड बॉडी मिल चुकी है. अब इस परिवार में इस 9 महीने की बेटी के अलावा कोई जिंदा नहीं बचा. मंडी आपदा प्रबंधन ने बताया कि तलवाड़ा में बादल फटने से 4 लोग लापता हो गए थे, जिनमें एक बच्ची को बचाया गया है और एक शव मिल गया है, जबकि दो लोग लापता हैं.
गोहर में कितनी तबाही
गोहर के सयांज में 7 लोग लापता हैं और दो लोगों के शव मिले हैं. बड़ा गोहर में दो मौतें हुई हैं, चार लोग घायल हैं और 29 लोगों को बचाया गया है. एसडीआरएफ की टीमें अब यहां पहुंची हैं और लापता लोगों की तलाश की जा रही है. गौरलब है कि मंडी जिले में कुल10 मौतें हुई हैं और 34 लोग लापता हैं. एक ही दिन में प्रदेश को मंगलवार को करीब 60 करोड़ का नुकसान हुआ है.