
शिमला: विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सवाल किया कि कांग्रेस ‘महिला सम्मान निधि’ को केवल चुनावों के दौरान ही क्यों लाती है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों से महिला सम्मान निधि के नाम पर फार्म भरवाए गए थे, उसी प्रकार इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार फिर से नारी सम्मान निधि के नाम पर फार्म भरवा रही है। महिला सम्मान निधि. कांग्रेस सरकार पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और प्रदेश की जनता उनके झांसे में नहीं आएगी। प्रदेश की जनता लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की गतिविधियों का कड़ा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि विधानसभा चुनाव के दौरान महिला सम्मान निधि के नाम पर कांग्रेस द्वारा भरे गए फॉर्म का क्या हुआ और कांग्रेस को चुनाव के दौरान महिला सम्मान निधि की याद क्यों आती है.
विपक्षी नेता ने कहा कि महिला सम्मान निधि के लिए न तो नियम स्पष्ट हैं और न ही कोई अधिसूचना जारी की गयी है. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि दो सप्ताह पहले पारित बजट में भी इस योजना का जिक्र नहीं किया गया था. ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार इस योजना को कैसे शुरू करेगी और इस योजना के लिए कौन पात्र होगा. उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 22 लाख महिलाएं हैं जिनकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है और कांग्रेस की गारंटी के मुताबिक वे पात्र हैं. कांग्रेस के सभी नेताओं ने भी साफ कहा था कि राज्य की 18 से 60 साल की सभी महिलाओं को महिला सम्मान निधि बिना किसी शर्त के दी जाएगी. लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा अपने आप में विरोधाभासी है. उनका कहना है कि यह रकम 5 लाख महिलाओं को मिलेगी, जिसकी लागत 800 करोड़ रुपये होगी. वहीं, गारंटी के मुताबिक इस योजना पर 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे. न तो सरकार की घोषणा को राज्य की जनता समझ रही है और न ही इसे लागू करने वाले अधिकारी समझ रहे हैं.