Himachal Politics: ‘मुझे मंत्रीपद मिलना चाहिए था…’, भाजपा MP कंगना रनौत का बड़ा बयान, बोली-मैं बहुत अच्छी पॉलिटिशियन

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और बॉलीवुड एक्टर कंगना रनौत अक्सर चर्चा में रहती हैं. मंडी में आपदा में आने पर देरी से आने पर भी उनपर खासे सवाल उठे. इस दौरान कंगना रनौत के दिए बयानों ने खासी चर्चाएं देखने को मिल रही है. दिल्ली में एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना रनौत ने बड़ी बातें कहीं हैं.

उन्होंने इस साक्षातकार में अपनी अब तक सियासी पारी के दौरान कई बातें कहीं, जो एक बार फिर से चर्चा का विषय बनी हैं. कंगना ने मोदी सरकार में मंत्री पद ना मिलने पर कहा कि जिस बैगग्राउंड से वह आती हैं और उन्हें देश का सबसे सर्वोच्च चौथा सम्मान मिला है और नेशनल अवार्ड उनके पास हैं. ऐसे में उन्हें मंत्री पद मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. कंगना कहती हैं कि पहली बार सांसदों को वैसे मंत्रीपद नहीं मिलता है. लेकिन ऐसा भी नहीं है, क्योंकि कुछ लोग पहली बार सांसद बनने के बाद मंत्री बने हैं.

कंगना ने बेबाकी से जबाव देते हुए कहा कि सासंदों की सैलरी काफी कम है. क्योंकि जब वह अपने इलाके में जाती हैं तो अपने पीए औऱ ड्राइवर और वहां जाने में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं.

देरी से आने पर क्या बोली
कंगना रनौत पर हिमाचल प्रदेश में आपदा के दौरान देरी से आने के आरोप लगे. इस पर वह कहती हैं कि वह बिलकुल भी देरी से नहीं आई थी. वह तो तीन दिन बाद मौके पर पहुंची थी. आपदा के पहले दिन वह नहीं जा सकती हैं. उस दौरान तो आपदा आई थी. कंगना ने सीएम सुक्खू को घेरते हुए कहा कि जिनके पास आपदा का विभाग है वह खुद छह दिन बाद आपदा क्षेत्र में पहुंचे थे. लोग मुझसे सवाल कर रहे हैं, जबकि यह विभाग सीएम का है. वह कहती है कि कंगना के बारे में विपक्ष ने लोगों को भ्रमित किया.

कंगना ने कहा कि वह लोगों को झूठी आस नहीं देना चाहती हैं. वह सीधे मुंह पर लोगों से कहती हैं कि यह काम उनका नहीं है. कंगना कहती हैं कि मेरे सीधे बोलने से लोगों को बुरा तो लगेगा, लेकिन उन्हें पता चलेगा कि यह काम किसका है. वह झूठ नहीं बोल सकती हैं. क्योंकि सामने वाले की आंखों में एक उम्मीद होती है.  जो लोग कहते हैं कि आपका काम हो जाएगा, वो लोग बेकार और झूठे होते हैं. कंगना ने कहा कि उन्होंने पीएम मोदी से मिलने का वक्त मांगा था, लेकिन अब तक मिला नहीं हैं.

कैसी होनी चाहिए सांसद की जिंदगी
कंगना कहती हैं कि मैंने एक साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने काफी काम किया है और मैं चैलेंज करती हूं कि हिमाचल के मंडी से सभी सांसदों के सारे कार्यकाल का लेखा-जोखा दिया. उन्होंने कितना काम किया. उन सबका काम का मेरे काम से कंपीरिजन होना चाहिए. आखिर कितने सवाल अन्य सांसदों ने संसद में पूछे. कंगना ने पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बेहद कम संसद आई. वह कहती हैं कि फरवरी में एक ही सेशन में वह संसद नहीं आई थी.

इस दौरान उनकी इमरजेंसी फिल्म को लेकर वह व्यस्त थी. कंगना कहती हैं कि सांसद बनना कोई सेवा नहीं है. सेवा बुजुर्गों और दिव्यांगों की की जाती है. क्या वह अपनी सियासी पारी का लुत्फ ले रही हैं, इस पर कंगना ने सीधे सीधे जवाब नहीं दिया.

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