गर्मियों में एसी का इस्तेमाल ज्यादातर लोग करते हैं. एसी यूज करने के लिए उसकी सर्विस भी करानी होती है. अक्सर एसी ठीक करने वाले कहते हैं कि एसी में गैस लीक हो गई है और इसे फिर से भरना पड़ेगा. यहीं से शुरू होता है एसी गैस लीक स्कैम. आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये कैसा स्कैम है. ज्यादातर लोगों को इसके बारे में मालूम नहीं होता. आइए आपको इसके बारे में जानकारी देते हैं.
एसी गैस लीक स्कैम को समझना काफी जरूरी है. आमतौर पर जब आपको अपने घर के एसी की सर्विस करवानी होती है, तो आप किसी लोकल या कंपनी से सर्विस करने वाले व्यक्ति को बुलाते हैं. वह एसी की सफाई करता है और बाद में आपसे कहता है कि एसी में गैस लीक हो गई है. आप पूछते हैं कि गैस भरने में कितना खर्च आएगा. इसके बाद सर्विस करने वाल व्यक्ति एक रकम बताता है. आप थोड़ी मोलभाव करते हैं और फिर मान जाते हैं. सर्विस करने वाला व्यक्ति गैस भरता है और आपसे पैसे ले लेता है.
कई बार गैस लीक सच में होती है और गैस भरवाने की जरूरत पड़ती भी है. लेकिन आपको कैसे पता चलेगा कि गैस लीक सच में है या नहीं? अगर गैस लीक नहीं है, तो सर्विस करने वाला सिर्फ गैस भरने का नाटक करता है और आपसे पैसे ले लेता है. यही वह स्कैम है जिसकी हम बात कर रहे हैं. ज्यादातर लोगों को इसके बारे में नहीं मालूम होता और वह इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं. इससे सर्विस करने वाला व्यक्ति बिना एसी में गैस भरे उनसे पैसे ले जाता है.
इस स्कैम से कैसे बचें?
इससे बचने का एक ही तरीका है. आपको पता होना चाहिए कि आपके एसी को सही तरीके से काम करने और अच्छी कूलिंग देने के लिए कितनी गैस प्रेशर की जरूरत होती है. यह अलग-अलग टन के एसी में अलग-अलग होती है. हम आपको 1.5 टन के एसी के बारे में जानकारी देते हैं.

जब सर्विस वाला आए तो एसी को चालू करें और उससे चलते हुए एसी का गैस प्रेशर पूछें. फिर जब एसी बंद हो तब भी उससे गैस का प्रेशर पूछें. दोनों रीडिंग मिलने के बाद उन्हें ऊपर दी गई टेबल से मिलाएं. अगर प्रेशर ऊपर बताई गई वैल्यू के आस-पास है, तो आपको गैस रिफिल की जरूरत नहीं है. इससे सर्विस वाले को पता चल जाएगा कि आपको एसी के सही गैस प्रेशर की जानकारी है और वह आपको ठगने की कोशिश नहीं करेगा.