अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा में चल रही G7 शिखर बैठक को बीच में ही छोड़ने का फैसला किया. ट्रंप अब अमेरिका लौट चुके हैं. बताया जा रहा है कि उन्होंने यह कदम मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव, खासतौर पर ईरान और इजरायल के बीच हालात को देखते हुए उठाया है.
ट्रंप ने इससे पहले सोशल मीडिया पर तेहरान के लोगों को शहर खाली करने की चेतावनी भी दी थी, जिससे यह साफ हो गया कि अमेरिका इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है. व्हाइट हाउस ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जरूरी मुद्दों पर ध्यान देने के लिए अमेरिका लौटे हैं. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका इस युद्ध में सीधे शामिल होने जा रहा है? और वे कौन-से अहम मुद्दे हैं, जिनके लिए ट्रंप को बीच सम्मेलन से लौटना पड़ा?
इजरायल का समर्थन कर चुके हैं ट्रंप
ट्रंप पहले ही खुलकर इजरायल का समर्थन कर चुके हैं, लेकिन अब तक अमेरिका ने सीधे युद्ध में कूदने का कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया है. ऐसे में ट्रंप का यह कदम दुनिया की नजर में गंभीर संकेत दे रहा है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से साफ संकेत मिलते कि अमेरिका, इजरायल का मजबूत समर्थन कर रहा है. हालांकि, अभी तक अमेरिका ने ईरान पर हुए हालिया हमलों में सीधे तौर पर शामिल होने से इनकार किया है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में कहा कि ईरान के खिलाफ हमले इजरायल ने अकेले किए हैं और इन कार्रवाइयों में अमेरिका का कोई सीधा हाथ नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता इस समय मिडिल ईस्ट में तैनात अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
सुरक्षा विशेषज्ञों ने कही ये बात
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बदलते हालात में अमेरिका को भी इस संघर्ष में सीधी भूमिका निभानी पड़ सकती है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और ट्रंप की सक्रिय कूटनीति को देखते हुए यह आशंका और भी मजबूत होती जा रही है.